यह एनिमेशन देखकर मैं हैरान रह गया। एक मच्छर के रूप में पुनर्जन्म लेना कितना अजीब विचार है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में सिस्टम इंटरफेस बहुत शानदार लगता है। ऊर्जा अंक और जीन अंक बढ़ते देख मजा आता है। बूढ़े साधु और ड्रेगन की लड़ाई देखने लायक है। एनिमेशन की गुणवत्ता भी काफी अच्छी है। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव सुचारू रहा।
गेमिंग तत्वों का उपयोग कहानी में बहुत अच्छे से किया गया है। जब मच्छर खून चूसता है तो स्क्रीन पर सूचनाएं आती हैं। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की कहानी में रहस्य बना हुआ है। सफेद बालों वाले बाबा की शक्तियां देखकर डर लग रहा था। सुनहरी घंटी का हथियार बहुत शक्तिशाली लगा। ड्रेगन का डिजाइन भी खतरनाक है। हर एपिसोड के बाद अगला भाग देखने की इच्छा होती है।
जंगल के बीच हुई यह लड़ाई बहुत ही रोमांचक थी। आग और जादू का प्रयोग देखकर रोमांच हो गया। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में पात्रों के बीच का रिश्ता समझना मुश्किल है। क्या मच्छर दोस्त है या दुश्मन। काले ड्रेगन की आंखें लाल थीं जो खतरनाक लग रही थीं। विस्फोट के दृश्य बहुत भव्य थे। एक्शन दृश्यों की गति बहुत तेज है। सब कुछ बहुत अच्छा लगा।
मुख्य पात्र की शक्ति थोड़ी अजीब है लेकिन दिलचस्प है। वह खून चूसकर अपनी उम्र और ताकत बढ़ाता है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में यह तर्क बहुत अनोखा लगा। बाबा के चेहरे पर दर्द और गुस्सा साफ दिख रहा था। फिर भी वह लड़ता रहा। जादूई प्रकाश और धुएं का प्रभाव बहुत अच्छा बनाया गया है। कहानी में नयापन है। मुझे यह विचार बहुत पसंद आया।
सुनहरी घंटी का हथियार देखकर मैं दंग रह गया। जब बाबा ने इसे चलाया तो आसमान में आग लग गई। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में ऐसे हथियारों का महत्व बहुत है। ड्रेगन भी इससे डर गया लगता है। जंगल का माहौल बहुत सुंदर बनाया गया है। रोशनी और छाया का खेल देखने में अच्छा लगता है। कुल मिलाकर एक बेहतरीन एपिसोड था। सभी को देखना चाहिए।
रंगों का उपयोग इस शो में बहुत जबरदस्त है। पीली रोशनी और काले धुएं का अंतर बहुत अच्छा है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की दृश्य शैली मुझे पसंद आई। मच्छर के पंख लाल हैं जो उसे अलग पहचान देते हैं। ड्रेगन के शरीर पर लाल निशान भी डरावने लगते हैं। एक्शन के दौरान कैमरा कोण बहुत बदलते हैं। यह एक कलात्मक कार्य है।
बाबा और मच्छर के बीच का समझौता क्या है यह जानने की उत्सुकता है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में पात्रों की गहराई धीरे धीरे खुल रही है। बाबा की ताकत कम होती दिखी फिर भी वह हारा नहीं। ड्रेगन की बाहें निकलना बहुत अजीब और भयानक था। कहानी में मोड़ की उम्मीद है। हर सीन में कुछ नया देखने को मिलता है। मजा आ गया।
जब ड्रेगन ने हमला किया तो पूरा जंगल हिल गया। आग के गोले और जादू की किरणें बहुत तेज थीं। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में एक्शन दृश्यों की प्रस्तुति शानदार है। बाबा ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। मच्छर भी पीछे नहीं रहा। धमाके की आवाज और दृश्य असली लगते हैं। यह सीन बार बार देखने लायक है। बहुत ही शानदार प्रस्तुति।
सिस्टम द्वारा दिए गए बोनस अंक देखकर अच्छा लगता है। उम्र बढ़ना और ताकत बढ़ना एक साथ मिलना अच्छा है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में प्रगति का स्तर बहुत तेज है। बाबा की आंखों में आश्चर्य साफ दिख रहा था जब मच्छर वापस आया। जंगल की हरियाली और धुंधला माहौल सुकून देता है। कहानी आगे बढ़ने में मजा आएगा। मैं इंतजार कर रहा हूं।
यह कहानी एक नई दुनिया का दरवाजा खोलती है। जहां कीड़े भी शक्तिशाली हो सकते हैं। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की कल्पना बहुत व्यापक है। बाबा की तपस्या और मच्छर की चालाकी दोनों काम आ रही हैं। ड्रेगन का अंत कैसे होगा यह देखना बाकी है। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो मिलना दुर्लभ है। सभी को एक बार जरूर देखना चाहिए। बहुत पसंद आया।