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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराजवां19एपिसोड

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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज

आदित्य गलती से एक चालाक पिस्सू बनकर जन्म लेता है। खून चूसकर वह ताकत हासिल करता है, उसके शरीर पर नए निशान उभरते हैं, और एक दिन वह पंख निकालकर आसमान में उड़ेगा। वह हर मुश्किल से बचने के लिए सैकड़ों चालें चलता है। गुप्त अकादमी की ठंडी स्वभाव वाली छात्रा तारा सिंह, जो बाहर से सख्त लेकिन अंदर से कोमल है, उसके भाग्य से जुड़ जाती है। देखते हैं यह छोटा पिस्सू पूरे संसार में तूफान कैसे खड़ा करता है, खून चूसकर देवराज बनता है, और अपनी धमाकेदार कहानी लिखता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

छोटा कीड़ा बड़ा धमाका

जब मैंने पहली बार इस कीड़े को देखा तो लगा यह बेचारा कुछ नहीं कर पाएगा। लेकिन फिर जो हुआ उसने सबकी बोलती बंद कर दी। यह शो पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज सच में दिलचस्प है। सिस्टम इंटरफेस देखकर लगा जैसे गेम खेल रहा हूं। एनिमेशन स्टाइल भी काफी आकर्षक लगा मुझे। हर दृश्य में नई ऊर्जा है।

छात्रों की हंसी रुक गई

शुरुआत में सभी छात्र हंस रहे थे जैसे उन्हें सब कुछ पता हो। लेकिन जब लाल भेड़िया गिरा तो उनके चेहरे के भाव देखने लायक थे। ऐसे मोड़ कहानी में रोमांच बढ़ाते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव भी अच्छा रहा। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट मिलता है जो दर्शकों को बांधे रखता है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में यही खासियत है।

आग का भेड़िया और उसकी ताकत

लाल रंग का भेड़िया बहुत शक्तिशाली लग रहा था। उसकी आंखों में गुस्सा और शरीर पर आग के निशान साफ दिख रहे थे। फिर भी एक छोटे से कीड़े के आगे उसे झुकना पड़ा। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में ऐसे एपिक बैटल सीन देखने को मिलते हैं। वीएफएक्स का उपयोग भी काफी प्रभावशाली लगा। रंगों का संयोजन बहुत अच्छा है।

सिस्टम की ताकत का खेल

जब कीड़े ने खून चूसा तो स्क्रीन पर जो आंकड़े आए वो कमाल के थे। एनर्जी पॉइंट्स और लाइफस्पैन बढ़ना दिखाकर कहानी को नया आयाम दिया गया है। यह सिर्फ लड़ाई नहीं बल्कि स्ट्रैटेजी भी है। मुझे यह कॉन्सेप्ट बहुत पसंद आया। ऐसे अनोखे प्लॉट कम ही देखने को मिलते हैं आजकल। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की कहानी बहुत मजबूत है।

सफेद बालों वाली लड़की का गुस्सा

शुरुआत में वह लड़की बहुत गुस्से में लग रही थी। उसके हाथ मुट्ठियों में बंद थे और आंखों में आग थी। शायद वह इस लड़ाई को लेकर गंभीर थी। कहानी में पात्रों के भावनात्मक पक्ष को भी अच्छे से दिखाया गया है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज के किरदार काफी गहरे लगते हैं। सफेद बालों वाला लुक बहुत यूनिक है।

उम्मीद से परे नतीजा

किसी को नहीं लगा था कि कीड़ा जीत जाएगा। सबको लगा भेड़िया उसे कुचल देगा। लेकिन कहानी ने सबका अनुमान गलत साबित कर दिया। ऐसे ट्विस्ट दर्शकों को हैरान करते हैं। वीडियो की क्वालिटी भी अच्छी है। रंगों का उपयोग लड़ाई के दौरान बहुत जीवंत लग रहा था। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में सरप्राइज बहुत हैं।

स्कूल का एरीना और जादू

यह जगह किसी स्कूल के एरीना जैसी लग रही थी। फर्श की टाइल्स और दीवारें बहुत भव्य थीं। ऐसे सेटिंग में फंतासी लड़ाई देखना अलग अनुभव है। हरे रंग की वर्दी पहने छात्र भी काफी स्टाइलिश लग रहे थे। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज की दुनिया बहुत विस्तृत लगती है। पृष्ठभूमि का संगीत भी मजेदार था।

कीड़े का रूप बदलना

कीड़े ने बीच में अपना रूप बदला और उसकी आंखें चमकने लगीं। यह इवोल्यूशन सीन बहुत शानदार था। लगता है वह और भी ताकतवर होने वाला है। ऐसे पावर अप सीन देखने में बहुत मजेदार लगते हैं। कहानी की रफ्तार भी बिल्कुल सही है जो बोर नहीं होने देती। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में विकास दिखता है।

सबके होश उड़ गए

जब भेड़िया जमीन पर गिरा तो सभी छात्रों के चेहरे पर सन्नाटा छा गया। उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। यह रिएक्शन शॉट्स बहुत अच्छे कैप्चर किए गए हैं। दर्शक भी उसी वक्त हैरान होते हैं। स्ट्रीमिंग क्वालिटी भी बहुत साफ थी। ऐसे शो देखना समय का सही उपयोग है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज का असर गहरा है।

एक्शन और कॉमेडी का मिश्रण

शुरू में छात्रों की हंसी थी और फिर गंभीर लड़ाई हुई। यह मिश्रण कहानी को हल्का और गंभीर दोनों बनाए रखता है। कीड़े का चेहरा कभी-कभी मजेदार भी लगता है। पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज में ऐसे पल बार-बार आते हैं। कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन वीडियो है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई है।