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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराजवां79एपिसोड

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पिस्सू बनकर जन्म: खून चूसके देवराज

आदित्य गलती से एक चालाक पिस्सू बनकर जन्म लेता है। खून चूसकर वह ताकत हासिल करता है, उसके शरीर पर नए निशान उभरते हैं, और एक दिन वह पंख निकालकर आसमान में उड़ेगा। वह हर मुश्किल से बचने के लिए सैकड़ों चालें चलता है। गुप्त अकादमी की ठंडी स्वभाव वाली छात्रा तारा सिंह, जो बाहर से सख्त लेकिन अंदर से कोमल है, उसके भाग्य से जुड़ जाती है। देखते हैं यह छोटा पिस्सू पूरे संसार में तूफान कैसे खड़ा करता है, खून चूसकर देवराज बनता है, और अपनी धमाकेदार कहानी लिखता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

कीड़ बनकर सिस्टम पाने वाला अनोखा विचार

इस एनिमेशन में कीड़ बनकर प्रणाली पाने वाला विचार बहुत अनोखा है। जब वह खून चूसकर शक्ति बढ़ाता है तो पर्दे पर अंक बढ़ते दिखाई देते हैं। जंगल का वातावरण और जादुई घंटियां देखकर लगता है कि यह दुनिया बहुत विशाल है। वृद्ध योद्धा की हार देखकर मजा आ गया। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज में ऐसे मोड़ बारबार देखने को मिलते हैं। चित्रण की गुणवत्ता भी काफी अच्छी है और रंगों का प्रयोग बहुत उत्तम किया गया है।

आग में मजा लेता हुआ खतरनाक कीड़

सफेद बालों वाले बुजुर्ग को लगा कि उन्होंने कीड़ को जला दिया, लेकिन वह तो आग में मजा ले रहा था। उसकी हंसी देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। लड़की की प्रतिक्रिया भी बहुत स्वाभाविक लगती है जब वह यह सब देखती है। आग और घंटी के दृश्य प्रभाव बहुत शानदार हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शृंखला देखना एक अलग ही अनुभव है। कहानी में रहस्य बना हुआ है कि आगे क्या होगा। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज का जादू चल रहा है।

चालाक कीड़ और उसकी बढ़ती शक्तियां

मुख्य पात्र का कीड़ वाला रूप शुरू में अजीब लगा लेकिन धीरे धीरे उसका स्वभाव समझ आने लगा। वह सिर्फ ताकतवर नहीं है बल्कि चालाक भी है। बुजुर्ग की घंटी से निकली आग पूरे जंगल को रोशन कर देती है। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज की कहानी में शक्ति स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है। मुझे यह पसंद आया कि कैसे एक छोटा जीव बड़े खतरों का सामना करता है। यह दृश्य बहुत ही रोमांचक था।

जंगल में रोमांचक लड़ाई का दृश्य

जंगल के बीच यह लड़ाई बहुत ही रोमांचक थी। जब बुजुर्ग ने अपनी ताकत दिखाई तो लगा कि अब कीड़ खत्म हो जाएगा। लेकिन उसकी रक्षा शक्ति देखकर सब हैरान रह गए। सफेद बालों वाली लड़की की आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था। कड़ी का अंत बहुत दमदार था। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज का यह दृश्य यादगार है। मैंने नेटशॉर्ट ऐप पर कई शो देखे हैं पर यह सबसे अलग है। हर दृश्य में कुछ नया देखने को मिलता है।

प्रणाली की स्क्रीन और ऊर्जा अंक

प्रणाली की समीक्षा वाली स्क्रीन बहुत भविष्यवादी लगती है। जब ऊर्जा अंक बढ़ते हैं तो दर्शक को भी अच्छा लगता है। कीड़ के पंख लाल रंग के हैं जो खतरे का संकेत देते हैं। बुजुर्ग की निराशा देखकर हंसी आती है क्योंकि उसे अपनी गलती का अहसास हुआ। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज में एक्शन और हास्य का अच्छा मिश्रण है। मुझे अगली कड़ी देखने की जल्दी है। यह शो बहुत ही मनोरंजक साबित हुआ है।

जादुई घंटी और सुनहरी आग की लपटें

इस शो में जादुई शक्तियों का प्रदर्शन बहुत भव्य है। सुनहरी घंटी से निकली आग की लपटें बहुत यथार्थवादी लगती हैं। कीड़ नायक का आत्मविश्वास स्तर देखकर लगता है कि वह कुछ भी कर सकता है। लड़की की वर्दी से लगता है कि वह किसी विद्यालय से है। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज की शक्तियां अद्भुत हैं। कहानी की गति बहुत तेज है और कहीं भी ऊब नहीं होती। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी अच्छा है।

बिना संवाद के कहानी कहने का तरीका

जब कीड़ ने आग में खुद को शांत पाया तो बुजुर्ग का चेहरा देखने लायक था। उसकी दाढ़ी और बाल सफेद हैं लेकिन शक्ति कम पड़ गई। जंगल के पेड़ और धुंधला माहौल रहस्य बढ़ाता है। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज में दृश्य कथा कहना बहुत मजबूत है। बिना ज्यादा संवाद के ही सब कुछ समझ आ जाता है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई है और मैं इसे मित्रों को सुझाऊंगा। यह कला का उत्कृष्ट नमूना है।

लड़की के चेहरे पर हैरानी के भाव

लड़की के चेहरे पर हैरानी के भाव बहुत अच्छे से चित्रित किए गए हैं। जब वह अपनी छाती पर हाथ रखती है तो लगता है कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। कीड़ की मुस्कान में एक अलग ही खतरनाकपन है। आग के बीच वह कैसे बचता है यह देखना दिलचस्प है। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज का यह पल शानदार है। कहानी में पुनर्जन्म का तत्व बहुत अच्छे से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर गुणवत्ता स्ट्रीमिंग का मजा ही अलग है।

पुरानी शक्तियां बनाम आधुनिक प्रणाली

बुजुर्ग की मुद्राएं और मंत्र पढ़ने का तरीका बहुत पारंपरिक लगता है। लेकिन आधुनिक प्रणाली के सामने पुरानी शक्तियां फीकी पड़ गईं। कीड़ का विकास देखकर लगता है कि वह और भी ताकतवर होने वाला है। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज का शीर्षक ही काफी आकर्षक है। जंगल की पृष्ठभूमि में हरे रंग का प्रयोग आंखों को सुकून देता है। कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन लघु फिल्म है। मुझे यह बहुत भाया।

अंत में कीड़ की खतरनाक हंसी

अंत में जब कीड़ हंसता है तो लगता है कि असली खेल अब शुरू हुआ है। बुजुर्ग की हार निश्चित थी क्योंकि उसने शत्रु को कम आंका था। लड़की शायद इसका साक्षी बनकर रह गई है। चित्रण की बारीकी बहुत उच्च है खासकर आग और धुएं में। मैंने नेटशॉर्ट ऐप पर यह शृंखला ढूंढी और मुझे निराशा नहीं हुई। पिस्सू बनकर जन्म खून चूसके देवराज को जरूर देखें। यह रोमांच और कल्पना प्रेमियों के लिए सर्वोत्तम है।