हरी पोशाक वाली लड़की का सामान पैक करते हुए देखकर दिल टूट गया। उसकी आँखों में आँसू और चेहरे पर उदासी साफ़ दिख रही थी। नीली साड़ी वाली महिला बहुत क्रूर लग रही थीं। ऐसा लगा जैसे किसी ने बेगुनाह को सजा दी हो। इस कार्यक्रम झूठी कसम, सच्ची लगन में भावनात्मक दृश्य बहुत अच्छे हैं। सहकर्मियों का चुप रहना भी हैरान करने वाला था।
नीली पोशाक पहने महिला का व्यवहार बिल्कुल सही नहीं था। उसने बिना बात के उंगली उठाई और चिल्लाया। उसकी आँखों में गुस्सा और घमंड साफ़ झलक रहा था। हीरे के गहने पहनकर वह खुद को बहुत बड़ी समझ रही थीं। झूठी कसम, सच्ची लगन कहानी में ऐसा विलेन किरदार देखकर गुस्सा आता है। काश कोई उसकी जुबान बंद कर दे।
शुरू में सब चुप थे लेकिन बाद में उन्होंने हरी पोशाक वाली का साथ दिया। यह देखकर अच्छा लगा कि अकेली लड़की को सहारा मिला। सफेद शर्ट वाली महिला ने मुस्कुराकर हिम्मत बढ़ाई। कार्यालय की राजनीति में दोस्त ही असली ताकत होते हैं। झूठी कसम, सच्ची लगन में यह मोड़ बहुत सुखद था। अब लगता है जीत होगी।
जब वह काले सूट वाला व्यक्ति दरवाजे पर आया तो माहौल बदल गया। उसके चेहरे पर गुस्सा साफ़ दिख रहा था। शायद वह सच्चाई जान गया हो। नीली पोशाक वाली की हंसी अब रुक सकती है। इस नाटक झूठी कसम, सच्ची लगन में अंत बहुत धमाकेदार लग रहा है। सबकी सांसें रुक गई थीं उस पल।
जब डब्बा गिरा और सारी चीजें बिखर गईं, तो वह दृश्य बहुत दर्दनाक था। हरी पोशाक वाली लड़की को पकड़ लिया गया था। उसकी बेबसी देखकर रोना आ रहा था। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। उम्मीद है उसे इंसाफ मिलेगा जल्दी।
लड़की के गालों पर बहते आँसू किसी भी दर्शक का दिल पिघला देंगे। उसने कुछ गलत नहीं किया फिर भी उसे जाना पड़ रहा था। नीली पोशाक वाली का मजाक उड़ाना बहुत बुरा लगा। झूठी कसम, सच्ची लगन कहानी में अन्याय के खिलाफ आवाज उठेगी। हम सब उसके साथ हैं।
कार्यालय का माहौल बहुत तनावपूर्ण दिखाया गया है। खिड़कियों से आती रोशनी और चेहरों पर छाया अंधेरा। हर कोई किसी बात का इंतजार कर रहा था। झूठी कसम, सच्ची लगन में मंच सजावट बहुत असली लगता है। ऐसा लगता है हम वहीं मौजूद हैं। दृश्य बहुत गहरे हैं।
उस महिला के गले और कानों में चमकते गहने थे पर दिल में इंसानियत नहीं थी। उसने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया। हरी पोशाक वाली बेचारी कुछ बोल भी नहीं पा रही थी। झूठी कसम, सच्ची लगन में यह टकराव बहुत तेज है। अहंकार का अंत बुरा होता है।
जब सबने मिलकर उसे घेर लिया तो लगा अब वह अकेली नहीं है। सफेद शर्ट और ग्रे सूट वाली महिलाओं ने हिम्मत दिखाई। यह दोस्ती की मिसाल है। झूठी कसम, सच्ची लगन में रिश्तों की अहमियत दिखाई गई है। अकेले लड़ने से बेहतर है साथ खड़े होना।
अब कहानी किस तरफ जाएगी यह देखना दिलचस्प होगा। क्या वह व्यक्ति बचाव करेगा या मुसीबत बढ़ाएगा। हरी पोशाक वाली की किस्मत बदलने वाली है। झूठी कसम, सच्ची लगन की अगली कड़ी देखने को बेताब हूं। रोमांच बढ़ता जा रहा है हर पल।