हरियाली साड़ी वाली लड़की की आंखों में छलकता दर्द साफ दिख रहा था। जब वह बिस्तर पर लेटी बूढ़ी महिला का हाथ पकड़कर रो रही थी, तो मेरा दिल भी पिघल गया। फिर वह सूट वाला शख्स आया और सब बदल गया। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। यह दृश्य बहुत भावुक कर देने वाला था। मैं भी रो पड़ी। आंसू नहीं रुके।
काले सूट वाली महिला का रवैया शुरू में बहुत सख्त लग रहा था। लेकिन जब उसने रोती हुई लड़की को गले लगाया, तो लगा कि वह भी अंदर से टूट चुकी हैं। परिवार के रिश्ते कितने जटिल होते हैं ना। इस कार्यक्रम ने दिखाया कि प्यार जीत जाता है। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है। बहुत गहराई थी इसमें। सच्चाई सामने आई।
अस्पताल के कॉरिडोर में जब वह नायक प्रवेश लेता है, तो बैकग्राउंड संगीत अपने आप बजने लगता है। डॉक्टर और नर्स सब उसके पीछे चल रहे थे। शक्तिशाली प्रवेश था यार। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में यह पल सबसे श्रेष्ठ था। सबकी नजरें उसी पर थीं। कदमों में वजन था। हीरो जैसा लगा।
खून चढ़ाने का दृश्य देखकर थोड़ा डर लग रहा था। लाल रंग का खून धीरे धीरे जा रहा था और लड़की की हालत खराब होती जा रही थी। लेकिन फिर सब ठीक हो गया। ऐसे दृश्य दिल पर भारी पड़ते हैं। इलाज का तरीका बहुत असली लगा। सांस रुक सी गई थी। जान में जान आई। डर खत्म हुआ।
नायक ने जब उसकी आंसू पोंछे, तो लगा जैसे पूरी दुनिया रुक गई हो। उसकी आंखों में जो अपनापन था, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। प्रेम संबंध का यह दृश्य सबसे प्यारा लगा। प्रेम की जीत हुई यहाँ। दिल को छू लिया। पल भर के लिए समय रुक गया। प्यार जीत गया।