जब वो पहली बार मिले थे सब कुछ साधारण था, लेकिन अब वो हीरा जड़ित गहनों की कलाकार बन चुकी है। उसकी आँखों में वो चमक देखकर लगता है कि उसने अपनी मेहनत से सब कुछ बदल दिया है। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसा बदलाव बहुत देखने को मिलता है जो दिल को छू लेता है और उम्मीद देता है।
काली कारों का काफिला और अंगरक्षकों की फौज देखकर ही समझ आ जाता है कि वो कितना ताकतवर हो गया है। लेकिन उसकी आँखों में अभी भी वही पुरानी यादें तैर रही हैं जो उसे कहीं खोया हुआ महसूस कराती हैं। वो अमीर जरूर हो गया पर खुश नहीं लग रहा।
जब वो दूसरी लड़की ने उसे गले लगाया तो उसके हाथों पर लाल निशान क्यों आ गए? क्या उसे किसी खास इंसान को छूने से दिक्कत होती है? ये रहस्य बहुत गहरा लग रहा है और जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। ये प्रतिक्रिया किसी बीमारी का संकेत है या कोई जादू।
उसने जो कागज़ात दिखाई उसमें हर गहने की बारीकी देखते ही बनती है। वो सिर्फ बनावट नहीं बेच रही, वो अपनी कहानी पेश कर रही है। झूठी कसम, सच्ची लगन की ये सबसे खूबसूरत पेशकश है जो कला को दर्शाती है और हुनर को सलाम करती है।
भीड़ में खड़े होकर भी वो एक दूसरे को महसूस कर रहे हैं। शब्दों की जरूरत नहीं है जब नज़रे मिलती हैं तो सब कुछ साफ हो जाता है। ये खामोशी शोर से ज्यादा बोल रही थी उस पल और दर्शकों को बांधे रखती है। ऐसा लग रहा था कि समय थम गया है।