इस कहानी में लड़के का अंदाज देखकर मैं हैरान रह गई। अपनी माँ की बात मानने के बजाय वह मिलने की जगह चला गया। लगता है प्यार में पागलपन सिर चढ़कर बोल रहा है। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में ऐसा मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। उसकी आँखों में वो चमक साफ दिखाई दे रही थी जब उसने संदेश पढ़ा। क्या वह सच में उस लड़की से मिलने जाएगा? मुझे अगला भाग देखने की बेसब्री है।
बुजुर्ग महिला का गुस्सा साफ़ जाहिर करता है कि घर में कितनी कड़ी अनुशासन है। जब उसने उंगली उठाकर डांटा, तो लगा कि अब लड़का फंस गया। पर झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसे ड्रामे ही तो मज़ा देते हैं। उसकी चिंता भी जायज़ है, शायद वह लड़की उनके लिए सही नहीं है। चेहरे के भाव देखकर लग रहा है कि वह कुछ बड़ा प्लान बना रही हैं।
वह लड़की जो काली पोशाक में थी, उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक थी। उसने बुजुर्ग महिला को शांत करने की कोशिश की, पर उसकी आँखों में कुछ और ही था। झूठी कसम, सच्ची लगन की यह किरदार बहुत रहस्यमयी लग रही है। क्या वह सच में मदद करने आई है या कुछ और चाल चल रही है? उसके गहने और रहने सहने का तरीका बहुत अमीराना था। मुझे उसका असली चेहरा जानना है।
जब फोन पर संदेश आया और उसने मुस्कुरा कर देखे, तो समझ गया कि अब कहानी में मोड़ आएगा। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसे छोटे पल बहुत बड़ा असर डालते हैं। उसने घड़ी देखी और तैयार हो गया, मानो वह इसी पल का इंतज़ार कर रहा हो। काम की जगह छोड़कर वह सीधे मिलने निकल पड़ा। क्या यह मिलना उनके रिश्ते को बदल देगा? सबकी सांसें थमी हुई हैं।
इस कहानी का माहौल बहुत शानदार है। बाहर का बड़ा घर और अंदर की सजावट देखकर लगता है कि यह बहुत अमीर परिवार है। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी ऐसे माहौल में और भी रोचक लगती है। कांच के झूमर और संगमरमर की मेज हर दृश्य में दिखाई देते हैं। इतनी दौलत के बीच भी परिवार में सुकून नहीं है। पैसा सब कुछ नहीं खरीद सकता, यह बात यहाँ साबित हो रही है।