PreviousLater
Close

झूठी कसम, सच्ची लगनवां34एपिसोड

like2.0Kchase2.0K

झूठी कसम, सच्ची लगन

रुद्र, जिसे औरतों से एलर्जी है, नशे में आरोही से शादी कर लेता है। दोनों को एक दूसरे का चेहरा याद नहीं रहता। वह विदेश भाग जाता है। आरोही अपनी माँ के बिलों के लिए संघर्ष करती है। एक साल बाद, रुद्र उससे एक क्लीनर के रूप में मिलता है, उसे कॉन्ट्रैक्ट गर्लफ्रेंड बना लेता है। धीरे धीरे दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं और बाद में पता चलता है कि वे पहले से ही शादीशुदा हैं।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

डॉक्टर का दर्द

डॉक्टर की आंखों में छिपा वो दर्द साफ दिख रहा था जब लुका और वो लड़की एक दूसरे के करीब आए। झूठी कसम, सच्ची लगन में ऐसा लगता है कि डॉक्टर को सब कुछ पहले से पता था। फिर भी वो चुप रहा। क्या दोस्ती में इतनी बड़ी कुर्बानी देनी पड़ती है? नेटशॉर्ट पर देखने का मज़ा ही अलग है।

लुका की चालाकी

लुका की चोट सिर्फ हाथ में नहीं, बल्कि दिल में भी लग गई है शायद। जब वो लड़की कमरे में आई, सब कुछ बदल गया। झूठी कसम, सच्ची लगन की कहानी में ये मोड़ बहुत गहरा था। कमरे वाला दृश्य तो दिल को छू गया। सच्चा प्यार वही है जो दर्द में साथ खड़ा हो।

अस्पताल का राज

शुरू में लगा बस एक साधारण अस्पताल का नाटक है, पर बाद में पता चला सब कुछ एक योजना थी। डॉक्टर का हावभाव देखकर हैरानी हुई। झूठी कसम, सच्ची लगन में हर किरदार का अपना राज है। लुका की मुस्कान के पीछे क्या था? जानने के लिए पूरा देखना पड़ा।

खूबसूरत चित्रण

चित्रण शैली बहुत खूबसूरत है। अस्पताल से लेकर महल तक का सफर जादुई लगा। झूठी कसम, सच्ची लगन में रंगों का इस्तेमाल भावनाओं को दिखाता है। जब वो लड़की हरी पोशाक में आई, माहौल बदल गया। दृश्य कला बहुत शानदार है। हर फ्रेम में मेहनत दिखती है।

पेचीदा रिश्ते

तीन लोगों के बीच का ये समीकरण बहुत पेचीदा है। डॉक्टर, लुका और वो लड़की। झूठी कसम, सच्ची लगन में उलझन बनी रहती है अंत तक। क्या डॉक्टर खलनायक है या नायक? लुका की चालाकी देखकर दांतों तले उंगली दबानी पड़ी। कहानी में दम है।

प्रेम की परिभाषा

आखिरी दृश्यों में जो नज़दीकियां दिखाई गईं, वो बहुत खुलकर थीं। लुका और उस लड़की के बीच का रसायन लाजवाब है। झूठी कसम, सच्ची लगन ने प्रेम की नई परिभाषा लिख दी। नेटशॉर्ट पर ऐसी कहानियों की कमी थी। बहुत प्रभावशाली लगा।

असली खेल

लगा लुका बेचारा मरीज है, पर असली खेल तो वो खेल रहा था। डॉक्टर बेचारा बीच में फंस गया। झूठी कसम, सच्ची लगन की पटकथा में दम है। हर भाग के बाद नया सवाल खड़ा हो जाता है। लगातार देखने का मन करता है। अंत तक बांधे रखती है।

लड़की का फैसला

उस लड़की ने सही चुना या गलत, ये तो वक्त बताएगा। पर लुका के साथ उसका लगाव गहरा लग रहा है। झूठी कसम, सच्ची लगन में औरत का किरदार बहुत मजबूत है। वो डरी नहीं, सामने आई। काश डॉक्टर को भी सुकून मिल जाए। उसकी चुप्पी सब कह रही थी।

चांदनी रात

रात का वो दृश्य जब चांदनी खिड़की से आ रही थी, बहुत प्रेम भरा था। झूठी कसम, सच्ची लगन का संगीत भी माहौल के साथ बिल्कुल सही था। लुका की आंखों में जो चमक थी, वो सब बता रही थी। ऐसी कहानी बार-बार देखने को जी चाहता है।

भावनात्मक सफर

कुल मिलाकर एक भावनात्मक सफर। झूठी कसम, सच्ची लगन ने उम्मीदों पर खरा उतरा। कभी हंसा, कभी रुलाया। नेटशॉर्ट की वजह से ये कहानी देखने को मिली। सभी को एक बार जरूर देखना चाहिए। बहुत प्यारा लगा। दिल को छू लेती है।