जब समुद्र के राजा ने अपने हाथ से नीली रोशनी छोड़ी, तो लगा जैसे पूरा आसमान ही उनके कब्जे में हो। दिव्य शक्ति के एक पल में यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। उस युवक की आँखों में डर और आश्चर्य दोनों साफ दिख रहे थे। माँ का चेहरा देखकर लगा जैसे वह सब कुछ समझ गई हो।
सोने का ताज और नीला पत्थर... बस इतना ही काफी था राजा की पहचान के लिए। दिव्य शक्ति के एक पल में जब वह त्रिशूल लेकर खड़ा हुआ, तो लगा जैसे देवता धरती पर उतर आए हों। बादलों का घूमना, बिजली का कड़कना - सब कुछ इतना असली लगा कि सांस रुक गई।
वह महिला जब रोई, तो लगा जैसे पूरी दुनिया का दर्द उसकी आँखों में समा गया हो। दिव्य शक्ति के एक पल में यह दृश्य सबसे ज्यादा दिल को छू गया। उस युवक की हिम्मत देखकर गर्व हुआ, और राजा की गरिमा देखकर सम्मान। सब कुछ इतना सही था।
जब दोनों हाथ मिले और नीली रोशनी फैली, तो लगा जैसे समय थम गया हो। दिव्य शक्ति के एक पल में यह पल सबसे ज्यादा जादुई लगा। वह युवक अब बदल चुका था, उसके हाथ में भी वही शक्ति थी। आगे क्या होगा, यह सोचकर ही रोमांच हो रहा है।
आसमान में बादलों का घूमना, बिजली का कड़कना, और बीच में वह महल... दिव्य शक्ति के एक पल में यह दृश्य देखकर लगा जैसे मैं भी वहीं खड़ा हूं। राजा की आवाज़ में इतना दम था कि पूरा स्टेडियम शांत हो गया। युवक की हिम्मत देखकर दाद देनी पड़ी।