जब युवक ने वह नीला त्रिशूल फेंका और वह साधारण कृषि औजार बन गया, तो सभा में सन्नाटा छा गया। इस फिल्म में यह दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए। राजा का गुस्सा और घायल होना सब कुछ बता रहा था कि अब खेल बदलने वाला है।
लोहे के कवच वाले योद्धा का अचानक घुटनों पर बैठ जाना और वफादारी दिखाना, यह मोड़ किसी ने नहीं सोचा था। राजा की आंखों में आया क्रोध और हैरानी साफ दिख रही थी। इस कहानी में यह मोड़ बहुत दमदार लगा, अब आगे क्या होगा यह देखना बाकी है।
गुलाबी पोशाक वाली रानी का चेहरा जब राजा के घायल होने पर बदल गया, वह पल दिल को छू गया। महल की साजिशें और बाहर का युद्ध, दोनों ही खतरनाक लग रहे हैं। इस फिल्म में इन पात्रों के बीच का तनाव बहुत बारीकी से दिखाया गया है, बिल्कुल असली लगता है।
बर्फीले मैदान में जादुई नीली ढाल का दिखाई देना और पीछे जलते गांव, यह दृश्य बहुत शक्तिशाली था। लगता है कि इस युवक के पास कोई गुप्त शक्ति है जो राजा को भी चुनौती दे रही है। इस फिल्म के दृश्य और कहानी का मेल जबरदस्त है, हर पल में जादू है।
जब राजा ने गुस्से में चिल्लाकर आदेश दिया, तो पूरा मैदान कांप उठा। उसकी आवाज में इतना दम था कि सामने खड़े योद्धा भी सहम गए। इस फिल्म में इस किरदार का रौब और क्रोध बहुत प्रभावशाली ढंग से पेश किया गया है, सच में राजा जैसा अहसास होता है।