जब लड़के को जलाया जाने वाला था, तभी अचानक बर्फ ने सब कुछ ढक लिया। इस दृश्य में ऐसा मोड़ देखकर दिल धक से रह गया। भीड़ की चीखें, राजकुमारी के आंसू और बूढ़े बाबा का गुस्सा, सब कुछ इतना असली लगा कि सांस रुक गई।
बादलों से त्रिशूल निकला और फिर विशालकाय देवता प्रकट हुए, इस दृश्य ने तो सीधे दिमाग घुमा दिया। उनकी आंखों में नीली चमक और हाथ में बिजली देखकर लग रहा था जैसे स्वयं वरुण देव उतर आए हों।
उसकी आंखों से आंसू टपक रहे थे, हाथ मुंह पर था, लेकिन आवाज़ नहीं निकल रही थी। इस दृश्य ने दिल तोड़ दिया। वह बस देखती रही जैसे उसका सब कुछ जल रहा हो, पर बर्फ ने सब बचा लिया।
सभी लोग ऊपर देख रहे थे, कुछ चिल्ला रहे थे, कुछ रो रहे थे। इस दृश्य में भीड़ के चेहरों पर डर और आश्चर्य का मिश्रण इतना सटीक दिखाया गया कि लग रहा था मैं भी वहीं खड़ा हूं।
उनकी दाढ़ी हवा में उड़ रही थी, आंखें आसमान की ओर थीं और फिर उन्होंने चिल्लाया, यह दृश्य सबसे ताकतवर लगा। लग रहा था जैसे वे स्वयं प्रकृति को आदेश दे रहे हों।
जब त्रिशूल बादलों से निकला, तो पूरी जगह रोशन हो गई। यह दृश्य इतना भव्य था कि लग रहा था जैसे स्वर्ग से बिजली उतर आई हो। उसकी चमक ने सबकी आंखें चौंधिया दीं।
आग बुझ गई, बर्फ पिघल गई, और देवता शांत हो गए। यह अंत इतना सुकून भरा था कि लग रहा था जैसे सब कुछ ठीक हो गया हो। बंधे हुए लोग आज़ाद हो गए और भीड़ सांस लेने लगी।
उनकी आवाज़ से जमीन कांप गई, बिजली कड़की और बादल गरजे। यह दृश्य इतना डरावना था कि लग रहा था जैसे प्रलय आ गई हो। सब लोग झुक गए, कोई नहीं बोल रहा था।
वे खड़े थे, बंधे हुए, लेकिन उनकी आंखों में उम्मीद थी। यह दृश्य इतना भावुक था कि लग रहा था जैसे वे जानते हों कि कुछ चमत्कार होने वाला है। और फिर वह हुआ।
जब देवता ने त्रिशूल नीचे किया, तो सब कुछ शांत हो गया। यह अंत इतना सुंदर था कि लग रहा था जैसे नई शुरुआत हो रही हो। बर्फ पिघली, आग बुझी और सब कुछ सामान्य हो गया।
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