जब वह नीला त्रिशूल जमीन में गिरा, तो लगा जैसे किसी देवता ने अपना हथियार छोड़ दिया हो। दिव्य अवस्था में यह दृश्य इतना शक्तिशाली था कि रोंगटे खड़े हो गए। बूढ़े जादूगर की आंखों में दर्द और क्रोध दोनों थे, जैसे वह किसी पुराने वादे को याद कर रहा हो।
उस महिला की चीख सुनकर दिल दहल गया। दिव्य अवस्था में जब वह अपने बेटे के ऊपर झुकी, तो लगा जैसे पूरी दुनिया रुक गई हो। उसकी आंखों में आंसू नहीं, आग थी। माँ का प्यार और गुस्सा एक साथ देखकर रोना आ गया।
सफेद बालों वाले बूढ़े जादूगर का एंट्री देखकर लगा जैसे कोई प्राचीन देवता उतर आया हो। दिव्य अवस्था में उसकी हर चाल में रहस्य था। जब उसने हाथ उठाया, तो हवा में बिजली कौंधी। यह दृश्य सिनेमा का जादू था।
सुनहरी जंजीर पहने राजा का चेहरा देखकर लगा जैसे अहंकार ही उसकी पहचान हो। दिव्य अवस्था में जब वह हंसा, तो लगा जैसे वह सब कुछ जानता हो। लेकिन उसकी आंखों में डर भी था, जो वह छिपा नहीं पा रहा था।
जब बूढ़े जादूगर ने नीली रोशनी छोड़ी, तो लगा जैसे समय थम गया हो। दिव्य अवस्था में यह दृश्य इतना खूबसूरत था कि सांस रुक गई। वह रोशनी सिर्फ जादू नहीं, बल्कि उम्मीद की किरण थी जो अंधेरे में चमक रही थी।