जब बूढ़े पुजारी ने त्रिशूल को छुआ, तो नीली रोशनी ने सबको चौंका दिया। एक चाल ईश्वरीय अवस्था में यह दृश्य इतना जादुई लगा कि मैंने दोबारा देखा। लोहे का जंग लगा हथियार अचानक दिव्य शक्ति से भर गया, जैसे कोई प्राचीन देवता जाग उठा हो। दर्शकों की सांसें रुक गई थीं।
साधारण कपड़ों वाला युवक जब त्रिशूल उठाता है, तो उसका रूप ही बदल जाता है। एक चाल ईश्वरीय अवस्था में यह रूपांतरण दृश्य दिल दहला देने वाला था। उसकी आंखों में अब डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक थी। जैसे वह जान गया हो कि उसकी नियति क्या है।
जब त्रिशूल में से हरी रोशनी निकली, तो स्टेडियम में बैठे हर व्यक्ति के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे। एक चाल ईश्वरीय अवस्था में यह भीड़ प्रतिक्रिया दृश्य बहुत अच्छे थे। कोई डरा हुआ, कोई हैरान, तो कोई उत्साहित। जैसे हर किसी को अपनी कहानी याद आ गई हो।
फर वाले कवच में लिपटा योद्धा जब त्रिशूल की ओर बढ़ा, तो उसकी हर चाल में गंभीरता थी। एक चाल ईश्वरीय अवस्था में उसका प्रवेश दृश्य इतना शक्तिशाली था कि लग रहा था जैसे युद्ध शुरू होने वाला हो। उसकी आंखों में जिम्मेदारी का बोझ साफ दिख रहा था।
नीली और हरी रोशनी का संयोजन स्क्रीन पर इतना खूबसूरत लगा कि मैं बस देखता रहा। एक चाल ईश्वरीय अवस्था में दृश्य प्रभाव टीम ने कमाल कर दिया। जब त्रिशूल की शक्ति जागती है, तो लगता है जैसे पूरा क्षेत्र जादू से भर गया हो। तकनीकी पक्ष से बेहतरीन काम।