जब समुद्र देव ने त्रिशूल उठाया तो पूरा आसमान कांप गया। बादलों में बिजली कड़क रही थी और नीचे खड़े लोग डर से कांप रहे थे। यह दृश्य इतना शक्तिशाली था कि सांस रुक गई। राजा की आंखों में नीली चमक और उसके चेहरे पर गुस्सा देखकर लगता है कि अब महायुद्ध शुरू होने वाला है।
राजकुमारी के चेहरे पर जो डर था वह सच्चा लग रहा था। उसकी आंखें फैली हुई थीं और हाथ मुंह पर थे। जब समुद्र देव ने हमला किया तो वह चीख पड़ी। ऐसे भावनात्मक दृश्य बहुत कम देखने को मिलते हैं। उसकी पोशाक और गहने भी उसकी स्थिति को और भी दर्दनाक बना रहे थे।
नायक ने जब त्रिशूल पकड़ा तो उसकी आंखों में नई ऊर्जा आ गई। वह भागता हुआ आया और समुद्र देव के सामने खड़ा हो गया। यह दृश्य बहुत ही रोमांचक था। उसके कपड़े साधारण थे लेकिन उसका हौसला बहुत बड़ा था। वह अकेले ही पूरे समुद्र का सामना कर रहा था।
दरबार में सभी लोग डरे हुए थे। कुछ लोग आग में जल रहे थे और कुछ नीली आंखों वाले जादूगर के सामने घुटने टेके हुए थे। यह दृश्य बहुत ही डरावना था। राजा का चेहरा गुस्से से लाल था और उसके हाथ में जादूई शक्ति थी। पूरा माहौल तनाव से भरा हुआ था।
त्रिशूल में नीली रोशनी थी और जब नायक ने उसे पकड़ा तो पूरा पानी हिलने लगा। यह हथियार बहुत ही शक्तिशाली लग रहा था। इसके डिजाइन में समुद्र की लहरें बनी हुई थीं और बीच में एक नीला रत्न चमक रहा था। यह कोई साधारण हथियार नहीं था।