कोर्ट रूम में इतना इमोशनल माहौल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब बेटी ने अपनी माँ की अस्थियाँ लेकर प्रोफेसर के सामने खड़ा किया, तो लग रहा था जैसे समय थम गया हो। (डब्ड) न्याय का भार में यह सीन सबसे दिल दहला देने वाला था। उसकी आँखों में गुस्सा और दर्द दोनों साफ दिख रहे थे। प्रोफेसर का चेहरा देखकर लगता है जैसे उसे अपनी गलतियों का अहसास हो रहा हो।
1976 में शहर छोड़ने वाले प्रोफेसर हेल की कहानी अब सामने आ रही है। जब बेटी ने कहा कि उनकी माँ ने आखिरी दिन तक उनका इंतज़ार किया, तो कोर्ट में सन्नाटा छा गया। (डब्ड) न्याय का भार में यह ड्रामा देखकर लगता है कि प्रोफेसर ने अपनी पत्नी और बच्चे को पहाड़ों में छोड़ दिया था। अब उसकी नई पत्नी के साथ वह कैसे मुंह दिखाएगा? यह सवाल सबके दिमाग में है।
जज का लाइवस्ट्रीम बंद करने का आदेश और फिर बेटी का कहना कि इस बार कोई लाइवस्ट्रीम बंद नहीं करेगा - यह सीन कमाल का था! (डब्ड) न्याय का भार में यह ट्विस्ट देखकर लगता है कि बेटी ने पहले से ही सब प्लान कर रखा था। प्रोफेसर की घबराहट और उसकी नई पत्नी का डर साफ दिख रहा था। अब सच्चाई सबके सामने है और कोई इसे छुपा नहीं सकता।
कोर्ट में बैठे लोगों का कहना था कि इस लड़की को डीएनए टेस्ट की जरूरत नहीं है, वह बिल्कुल थियोडोर जैसी दिखती है। (डब्ड) न्याय का भार में यह डायलॉग सुनकर लगता है कि खून का रिश्ता कभी छुपाया नहीं जा सकता। प्रोफेसर का चेहरा देखकर लगता है कि वह भी जानता है कि यह उसी की बेटी है। अब वह कैसे इनकार करेगा?
जब कोर्ट में यह खुलासा हुआ कि प्रोफेसर ने अपनी गर्भवती पत्नी को पहाड़ों में छोड़ दिया था, तो सबके होश उड़ गए। (डब्ड) न्याय का भार में यह सीन देखकर गुस्सा आता है कि कैसे एक इंसान इतना निर्दयी हो सकता है। अब उसकी बेटी सामने खड़ी है और सच्चाई सबके सामने लाने के लिए तैयार है। प्रोफेसर की नई जिंदगी अब खतरे में है।
प्रोफेसर की नई पत्नी का चेहरा देखकर लगता है कि वह भी इस सच्चाई से डर गई है। जब बेटी ने कहा कि उसकी माँ ने आखिरी दिन तक इंतज़ार किया, तो उसकी आँखों में आंसू थे। (डब्ड) न्याय का भार में यह इमोशनल सीन देखकर लगता है कि अब प्रोफेसर की नई जिंदगी भी खत्म होने वाली है। उसकी पत्नी का हाथ कांप रहा था।
कोर्ट रूम में जब जज ने लाइवस्ट्रीम बंद करने का आदेश दिया, तो सबकी सांसें रुक गईं। लेकिन बेटी का कहना था कि इस बार कोई लाइवस्ट्रीम बंद नहीं करेगा। (डब्ड) न्याय का भार में यह सीन देखकर लगता है कि बेटी ने पहले से ही सब तैयारी कर रखी थी। प्रोफेसर की घबराहट और उसकी पत्नी का डर साफ दिख रहा था। अब सच्चाई सबके सामने है।
जब बेटी ने अपनी माँ की तस्वीर वाली अस्थि-कलश पकड़ रखी थी, तो उसकी आँखों में गुस्सा और दर्द दोनों दिख रहे थे। (डब्ड) न्याय का भार में यह सीन देखकर लगता है कि वह अपने माँ के लिए न्याय चाहती है। प्रोफेसर का चेहरा देखकर लगता है कि वह भी जानता है कि उसने क्या गलती की है। अब वह कैसे मुंह दिखाएगा?
कोर्ट में जब यह खुलासा हुआ कि प्रोफेसर ने खुद को प्रोफेसर बताया है, तो सब हैरान रह गए। (डब्ड) न्याय का भार में यह ट्विस्ट देखकर लगता है कि वह असल में कुछ और ही है। उसकी नई पत्नी भी इस सच्चाई से अनजान थी। अब जब सब कुछ सामने आ गया है, तो प्रोफेसर की जिंदगी कैसे बदलेगी? यह देखना बाकी है।
जब बेटी ने कहा कि उसकी माँ ने आखिरी दिन तक प्रोफेसर का इंतज़ार किया, तो कोर्ट में सन्नाटा छा गया। (डब्ड) न्याय का भार में यह इमोशनल सीन देखकर लगता है कि माँ का प्यार कभी खत्म नहीं होता। अब बेटी ने अपनी माँ की अस्थियाँ लेकर प्रोफेसर के सामने खड़ा कर दिया है। यह बदला होगा या माफ़ी? यह तो आगे की कहानी बताएगी।
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