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(Dubbed) Nyay ka Bhaar वां27एपिसोड

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(Dubbed) Nyay ka Bhaar

50 saal pehle Theodore ne Eleanor ka Columbia ka mauka chura liya aur Veronica ke liye use chhod diya. Ab Eleanor ki granddaughter Claire, jo ek top Wall Street lawyer hai, ne Theodore ki granddaughter Audrey ko reject kar diya. Is decision ne Claire ki career cost kar di — lekin yeh sirf pahla kadam hai ek pachas saal purane karz ko chukane aur ek aisa raaz expose karne ka jo poori family ko tabah kar sakta hai.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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पैसे की चमक या इंसानियत की जीत

प्रोफेसर हेल का ब्रीफकेस खोलते ही डॉलर की गड्डियां देखकर सांस रुक गई, लेकिन मिसेज सॉयर की आंखों में लालच नहीं, एक अलग ही चमक थी। (डब्ड) न्याय का भार में यह सीन दिखाता है कि कैसे पैसा सब कुछ खरीद सकता है, सिवाय इंसान के इरादों के। उसका खड़ा होना और कमरे से निकल जाना किसी डायलॉग से ज्यादा भारी था।

वकील बनना बिजनेस है?

प्रोफेसर हेल की यह लाइन कि वकील बनना सिर्फ स्किल नहीं, कनेक्शन और सपोर्ट का खेल है, कड़वी सच्चाई है। लेकिन मिसेज सॉयर ने साबित कर दिया कि कुछ लोग सिस्टम के ऊपर होते हैं। (डब्ड) न्याय का भार का यह क्लाइमेक्स सीन जहां वह पैसे ठुकराकर अपने स्टूडेंट्स के भविष्य की बात करती हैं, दिल को छू लेता है।

सॉयर मैडम का स्टैंड

जब प्रोफेसर हेल ने कहा कि अगर वह पीछे हट जाएं तो यह सारा पैसा उनका है, तो लगा शायद वह मान जाएं। लेकिन मिसेज सॉयर ने जिस तरह से 'सिली मिशन' छोड़ने से इनकार किया, वह कमाल था। (डब्ड) न्याय का भार में ऐसे सीन्स हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर दें कि क्या सही है और क्या गलत।

ब्रीफकेस वाला सीन याद रहेगा

लक्जरी रूम, क्रिस्टल चैंडलियर और बीच में पैसे से भरा ब्रीफकेस। प्रोफेसर हेल का ऑफर बहुत लुभावना था, लेकिन मिसेज सॉयर का जवाब और भी ज्यादा पावरफुल था। (डब्ड) न्याय का भार ने दिखाया कि असली ताकत पैसे में नहीं, चरित्र में होती है। वह चलकर चली गईं, पीछे छोड़ गईं एक सबक।

स्टूडेंट्स के लिए कुर्बानी

प्रोफेसर हेल ने पूछा कि इन स्टूडेंट्स का क्या होगा, तो मिसेज सॉयर ने वादा किया कि वह पक्का करेंगी कि सबको ग्रेजुएट स्कूल मिले। (डब्ड) न्याय का भार में यह डायलॉग बहुत इमोशनल था। एक टीचर या मेंटर के रूप में उनकी जिम्मेदारी का अहसास इस सीन में साफ झलकता है।

हेल बनाम सॉयर

दो विचारधाराओं का टकराव। एक तरफ प्रोफेसर हेल जो दुनिया को पैसे और पावर से देखते हैं, दूसरी तरफ मिसेज सॉयर जो इंसानियत और न्याय को महत्व देती हैं। (डब्ड) न्याय का भार का यह कन्फ्रंटेशन सीन बेहतरीन था। अंत में सॉयर का जीतना हम सबकी जीत है।

पैसे की कमी नहीं, इरादों की जीत

मिसेज सॉयर का सवाल कि क्या उन्हें पैसे की कमी है, प्रोफेसर हेल के चेहरे पर सवालिया निशान बन गया। (डब्ड) न्याय का भार में यह मोड़ बहुत ही शानदार था। उन्होंने साफ कर दिया कि उनका मकसद अमीर बनना नहीं, बल्कि सही रास्ते पर चलना है।

सीनियर पार्टनर का ऑफर

प्रोफेसर हेल ने सीनियर पार्टनर बनाने और बड़े केस देने का वादा किया, जो किसी भी वकील के लिए बड़ा लालच है। लेकिन मिसेज सॉयर ने इसे ठुकरा दिया। (डब्ड) न्याय का भार में यह दिखाता है कि कुछ सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जा सकता। उनका जाना ही उनका जवाब था।

खामोशी का शोर

जब मिसेज सॉयर कुछ बोलीं नहीं, बस उठीं और चली गईं, तो उस खामोशी में हजारों शब्द थे। प्रोफेसर हेल बस देखते रह गए। (डब्ड) न्याय का भार के इस एंडिंग सीन में डायलॉग से ज्यादा एक्टिंग और एक्सप्रेशन बोल रहे थे। यह एक परफेक्ट क्लाइमेक्स था।

भविष्य उज्ज्वल करने का वादा

प्रोफेसर हेल ने पूछा कि क्या वह स्टूडेंट्स का भविष्य और उज्ज्वल नहीं चाहतीं, तो सॉयर ने फीस भरने का वादा करके जवाब दे दिया। (डब्ड) न्याय का भार में यह डायलॉग बाजी मार ले गया। उन्होंने साबित किया कि मदद के लिए रिश्वत नहीं, मेहनत जरूरी है।