क्लोई ब्राउन का किरदार इतना परफेक्ट था कि दर्शक भी हैरान रह गए। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब वह एक साधारण लड़की के रूप में जागती है। स्कूल के लॉकर रूम में सेलीना बेनेट का घमंड और बुलीइंग देखकर गुस्सा आता है। एवरेट विल्सन के साथ रोमांस और फिर धोखा, यह सब स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा में बहुत ही ड्रामेटिक तरीके से दिखाया गया है। अंत में बदला लेने का सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए।
सेलीना बेनेट का किरदार इतना नफरत भरा है कि आप स्क्रीन तोड़ देना चाहेंगे। उसने क्लोई को लॉकर रूम में धक्का दिया, कैफेटेरिया में खाना गिराया और बाथरूम में पानी से नहला दिया। लेकिन क्लोई की आंखों में अब डर नहीं, बदले की आग है। जब उसने सेलीना को थप्पड़ मारा, तो पूरा हॉल सन्न रह गया। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा की यह कहानी हमें सिखाती है कि कमजोर दिखने वाले इंसान के अंदर भी तूफान छिपा होता है।
फुटबॉल मैदान पर एवरेट विल्सन और क्लोई का रोमांटिक सीन बहुत प्यारा लगा। लगा कि शायद सब ठीक हो जाएगा। लेकिन फिर सेलीना के आते ही एवरेट ने क्लोई को छोड़ दिया। यह धोखा देखकर बहुत बुरा लगा। क्लोई की आंखों में आंसू और टूटा हुआ दिल साफ दिख रहा था। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा में ऐसे इमोशनल मोमेंट्स हैं जो दर्शकों को झकझोर देते हैं। उम्मीद है क्लोई उसे माफ नहीं करेगी।
क्लोई अब वह डरी हुई लड़की नहीं रही। जब सेलीना ने उसके कपड़े काटने की कोशिश की, तो क्लोई ने पलटवार किया। उसकी आंखों में अब आंसू नहीं, गुस्सा था। लॉकर रूम में सेलीना को थप्पड़ मारना और उसे डराना, यह सीन सबसे बेहतरीन था। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा की कहानी अब नए मोड़ पर है। क्लोई का यह रूप देखकर लगता है कि अब सेलीना की बारी है डरने की।
लेक्सी और मार्गरेट जैसे सेलीना की फॉलोअर्स भी उतनी ही खतरनाक हैं। उन्होंने क्लोई को अकेला छोड़ने के बजाय उसे और ज्यादा परेशान किया। बाथरूम में पानी से नहलाना और कपड़े काटना, यह सब उनकी साजिश थी। लेकिन अब क्लोई अकेली नहीं है, उसके पास भी ताकत है। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा में ये किरदार कहानी को और भी दिलचस्प बनाते हैं। देखना होगा कि आगे क्या होता है।
पहले क्लोई एक परफेक्ट चीयरलीडर थी, फिर एक साधारण और मोटी लड़की। लेकिन अब वह फिर से बदल रही है। उसकी आंखों में आत्मविश्वास और चेहरे पर मुस्कान वापस आ गई है। जब उसने सेलीना को थप्पड़ मारा, तो लगा कि वह अपनी पहचान वापस पा रही है। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा में क्लोई का यह सफर बहुत प्रेरणादायक है। वह साबित कर रही है कि वह किसी से कम नहीं है।
इस शो में स्कूल का माहौल बहुत ही रियलिस्टिक दिखाया गया है। लॉकर रूम, कैफेटेरिया, फुटबॉल मैदान, हर जगह ड्रामा है। सेलीना जैसे बुलीज का होना और क्लोई जैसे बच्चों का उनसे परेशान होना, यह सब हमारे स्कूलों में भी होता है। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा ने इस मुद्दे को बहुत अच्छे से उठाया है। उम्मीद है कि यह शो बच्चों को बुलीइंग के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करेगा।
सेलीना बेनेट को लगता था कि वह स्कूल की रानी है और सब उससे डरते हैं। लेकिन जब क्लोई ने पलटवार किया, तो उसका अहंकार चूर-चूर हो गया। उसकी आंखों में डर और चेहरे पर हैरानी साफ दिख रही थी। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा में यह सीन बहुत ही संतोषजनक था। सेलीना को अपनी गलतियों का अहसास हुआ है, लेकिन क्या वह सुधरेगी? यह देखना बाकी है।
क्लोई अब वह लड़की नहीं रही जो रोती थी और डरती थी। उसने अपनी ताकत को पहचाना है। जब उसने सेलीना को थप्पड़ मारा और उसे डराया, तो लगा कि वह अपनी नई पहचान बना रही है। स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा में क्लोई का यह किरदार बहुत ही प्रेरणादायक है। वह साबित कर रही है कि इंसान अपनी किस्मत खुद लिख सकता है। उसकी यह यात्रा देखकर बहुत अच्छा लगा।
स्लिम होकर क्वार्टरबैक को छोड़ा में ड्रामा, रोमांस और बदले का ऐसा मिश्रण है जो दर्शकों को बांधे रखता है। क्लोई और एवरेट का रोमांस, सेलीना की बुलीइंग, और अंत में क्लोई का बदला, सब कुछ बहुत ही अच्छे से दिखाया गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर यह शो देखना एक अलग ही अनुभव है। हर एपिसोड के बाद अगले एपिसोड का इंतजार होता है। यह शो निराश नहीं करता है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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