जब बूढ़े साइबोर्ग ने हुड वाले लड़के को चुनौती दी, तो लगा कि अब खून-खराबा होगा। लेकिन (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान में जो ट्विस्ट आया, वो दिल दहला देने वाला था। लड़के की आँखों में वो खामोश गुस्सा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। बार के माहौल में तनाव इतना था कि सांस लेना मुश्किल लग रहा था।
इन गैंगस्टर्स के पास जो नीली चमकती तलवारें हैं, वो सिर्फ हथियार नहीं, खतरनाक इरादों का प्रतीक हैं। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान के इस सीन में एक्शन की स्पीड और विजुअल इफेक्ट्स ने माहौल को और भी डरावना बना दिया। जब लड़के ने बिना हिले तलवार रोकी, तो समझ आया कि असली ताकत क्या होती है।
ये लड़का कौन है? उसके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी शांति है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान में उसकी एंट्री से ही लगता है कि वो कोई साधारण इंसान नहीं है। जब उसने अपना हुड उतारा, तो उसकी आँखों में वो आग थी जो किसी बड़े तूफान की निशानी लग रही थी।
ये बार सिर्फ पीने की जगह नहीं, मौत का अड्डा लग रहा है। धुंधली रोशनी, जंग लगी दीवारें और साइबोर्ग गैंगस्टर्स - (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान ने इस सीन को इतना रियलिस्टिक बनाया कि लगता है आप भी वहीं मौजूद हैं। हर कोने से खतरे का अहसास होता है।
इन गैंगस्टर्स को लगा कि ये लड़का कोई मामूली मुसीबत है, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वो मौत को दावत दे रहे हैं। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान में जब वो लड़के को घेरते हैं, तो उनकी घमंड भरी हंसी उनके अंत की घंटी बजा रही थी। ओवरकॉन्फिडेंस हमेशा महंगा पड़ता है।
बूढ़े गैंगस्टर की वो मशीनी बांहें देखकर लगता था कि वो किसी को भी चीर-फाड़ सकता है। लेकिन (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान में जब वो जमीन पर गिरा, तो समझ आया कि टेक्नोलॉजी कितनी भी एडवांस हो, इंसानी हुनर के आगे फेल हो जाती है। उसकी चीखें अभी भी कानों में गूंज रही हैं।
बिना बोले, बिना हिले, सिर्फ अपनी आँखों से दुश्मनों को डराना - ये हुनर सिर्फ (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान के इस लड़के में ही देखने को मिलता है। जब उसने तलवार को हवा में ही रोक दिया, तो लगा जैसे समय थम गया हो। ये सीन सिनेमा की दुनिया में यादगार बन जाएगा।
तीन-तीन गैंगस्टर्स मिलकर एक लड़के पर टूट पड़े, लेकिन (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान ने दिखाया कि भीड़ में ताकत नहीं, हुनर मायने रखता है। जब उनकी नीली तलवारें बेअसर हो गईं, तो उनके चेहरे पर वो डर देखकर मजा आ गया। अहंकार का अंत हमेशा बुरा होता है।
(डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान के इस सीन में एक्शन को नई परिभाषा दी गई है। न तो गोलियां, न धमाके - बस तलवारें और एक रहस्यमयी लड़का। जब वो तलवार हवा में तैरती हुई दुश्मनों की तरफ बढ़ी, तो लगा जैसे कोई सुपरहीरो फिल्म देख रहे हों। विजुअल्स शानदार हैं।
जब वो बूढ़ा गैंगस्टर जमीन पर गिरा और उसके कपड़ों पर बीयर फैल गई, तो लगा जैसे मौत ने दस्तक दी हो। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुलतान में इस सीन को इतनी बारीकी से दिखाया गया कि हर डिटेल दिल दहला देने वाली है। बाकी गैंगस्टर्स की हालत देखकर लगता है कि अब उनकी बारी है।
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