जब आसमान में वो विशाल ब्लैक होल खुला, तो लगा जैसे दुनिया का अंत आ गया हो। सैनिक, गाड़ियां, रोबोट्स सब हवा में उड़ रहे थे। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में ऐसे सीन्स देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। गुरुत्वाकर्षण का खेल इतना डरावना कभी नहीं देखा।
उस आधे चेहरे वाले कमांडर की आवाज़ में जो घबराहट थी, वो सच्ची लग रही थी। जब वो चिल्लाया कि 'जंप ड्राइव्स चालू करो', तो लगा मैं भी उसी शिप में हूं। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में इमोशनल टेंशन बहुत अच्छे से दिखाया गया है।
बूढ़े वैज्ञानिक ने जब कहा कि ये विस्फोट नहीं, ग्रेविटी सिंगुलैरिटी है, तो मेरी सांसें रुक गईं। उसकी आंखों में मौत का डर साफ दिख रहा था। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में ऐसे डायलॉग्स कहानी को गहराई देते हैं।
जब महिला पायलट ओरियन को पुकार रही थी, तो उसकी आवाज़ में मां जैसी बेचैनी थी। वो जानती थी कि ब्लैक होल के पास होना मौत को गले लगाने जैसा है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में रिश्तों की गर्माहट भी दिखाई गई है।
नीले रंग का वो विशाल रोबोट सूट जब हवा में तैर रहा था, तो लगा कोई देवता उतर आया हो। उसके हाथों से निकलती नीली रोशनी जादुई लग रही थी। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में विजुअल्स सच में शानदार हैं।
ऊपर से देखने पर पूरा शहर टूट रहा था, इमारतें गिर रही थीं, और लोग भाग रहे थे। ये दृश्य इतना यथार्थवादी था कि लगा मैं वहीं खड़ा हूं। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में तबाही का नज़ारा दिल दहला देता है।
जब कमांडर ने सभी जहाजों को खाली करने का आदेश दिया, तो उसकी आवाज़ में अधिकार और डर दोनों थे। वो जानता था कि अब बचने का एक ही रास्ता है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में लीडरशिप का सच्चा चेहरा दिखाया गया है।
ओरियन का जवाब न देना सबसे ज्यादा डरावना था। शायद वो ब्लैक होल की चपेट में आ चुका था। उसकी चुप्पी में मौत की आहट थी। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में सस्पेंस बनाए रखना मास्टरपीस है।
जब युवा योद्धा सूट में बंधा हुआ था और चिल्ला रहा था, तो लगा वो किसी जादू की जद में है। उसकी मदद के लिए कोई नहीं आ रहा था। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में हीरो की बेबसी भी दिखाई गई है।
जब सब कुछ ब्लैक होल में खिंच रहा था, तो लगा ये फिल्म का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि ब्रह्मांड कितना रहस्यमयी है।
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