शुरुआत में ही वो विशालकाय आंख और फिर हरे रंग का विस्फोट देखकर रोंगटे खड़े हो गए। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में ऐसे सीन्स बार-बार दिल दहला देते हैं। जब वो रोबोट सूट वाला योद्धा उस राक्षस के सामने खड़ा होता है, तो लगता है जैसे अंत निकट हो। लेकिन फिर वो हरा बिजली जैसा प्रभाव और राक्षस का गिरना... वाह! क्या ट्विस्ट था। नेटशॉर्ट पर ऐसे एपिसोड देखना एक अलग ही अनुभव है।
जब उस बहु-आंखों वाले जीव ने कहा 'हमारी हिव मदर', तो समझ गया कि ये कोई साधारण दुश्मन नहीं है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान की कहानी में ये पल सबसे ज्यादा हैरान करने वाला था। उसका हरे रंग से चमकना और फिर अचानक ढह जाना... मानो कोई बड़ी शक्ति उसे नियंत्रित कर रही हो। कमांड सेंटर में बैठे वैज्ञानिकों के चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। क्या ये जीत थी या कोई बड़ी साजिश?
जब सिग्नल वापस आया और वो बूढ़े वैज्ञानिक की आंखें फैल गईं, तो लगता है जैसे पूरी टीम की सांसें रुक गई हों। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में ऐसे इमोशनल पल बहुत कमाल के होते हैं। वो साइबर्नेटिक आंख वाला कमांडर और रोबोटिक हाथ वाली महिला... सबके चेहरे पर एक अजीब सी उम्मीद और डर का मिश्रण था। नेटशॉर्ट पर ये सीन देखते वक्त मैं भी अपनी सीट से उठ खड़ा हुआ था।
उस रोबोट सूट वाले योद्धा ने जब उस विशाल राक्षस को हराया, तो लगा जैसे युद्ध खत्म हो गया। लेकिन फिर वो 'साइकिक इंटरफेरेंस' वाला डायलॉग... कुछ तो गड़बड़ है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में हर जीत के पीछे कोई नया रहस्य छिपा होता है। वो हरे रंग की चमक और फिर राक्षस का शरीर टूटना... ये सब देखकर लगता है कि असली लड़ाई तो अब शुरू होगी। क्या ये योद्धा अकेले सब संभाल पाएगा?
पूरे एपिसोड में वो हरा रंग सबसे ज्यादा प्रभावशाली लगा। चाहे वो राक्षस से निकलने वाली ऊर्जा हो या फिर कमांड सेंटर के स्क्रीन पर दिखने वाले ग्राफ। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में कलर ग्रेडिंग और विजुअल इफेक्ट्स का कमाल है। जब वो हरी चमक राक्षस के शरीर में दौड़ती है और फिर वो ढह जाता है, तो लगता है जैसे कोई जादू हो रहा हो। नेटशॉर्ट पर ऐसे विजुअल्स देखना एक अलग ही अनुभव है।
जब पूरा क्रू कमांड सेंटर में इकट्ठा हुआ और सबने एक साथ उस स्क्रीन को देखा, तो लगा जैसे ये टीम किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में टीम वर्क की ताकत बहुत अच्छे से दिखाई गई है। वो साइबर्नेटिक आंख वाला कमांडर, रोबोटिक हाथ वाली महिला, और वो बूढ़े वैज्ञानिक... सबके बीच एक अजीब सी केमिस्ट्री है। क्या ये टीम अगली लड़ाई जीत पाएगी?
जब वो बहु-आंखों वाला राक्षस जमीन पर गिरा और उसका शरीर टूटने लगा, तो लगा जैसे एक बड़ा खतरा टल गया। लेकिन फिर वो 'हिव मदर' वाला डायलॉग... कुछ तो बड़ा होने वाला है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में हर अंत एक नई शुरुआत होता है। उस राक्षस की आंखों में डर और फिर अचानक हरी चमक... ये सब देखकर लगता है कि असली दुश्मन तो अभी बाकी है।
जब वो लाल बालों वाला युवक बोला 'सिग्नल वापस आ गया', तो पूरी टीम के चेहरे पर एक अजीब सी राहत दिखी। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में ऐसे छोटे-छोटे डायलॉग्स बड़े इमोशनल पल बना देते हैं। वो बूढ़े वैज्ञानिक का हैरान होना और फिर सबका एक साथ स्क्रीन को देखना... ये सब देखकर लगता है जैसे कोई बड़ी उपलब्धि मिली हो। क्या ये सिग्नल उनकी जीत की कुंजी है?
जब वो युवक पूछता है 'क्या हम जीत गए?', तो लगता है जैसे खुद वो भी यकीन नहीं कर पा रहा है। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में ऐसे सवाल दर्शकों के मन में भी उठाते हैं। वो विशाल राक्षस का गिरना और फिर भी कमांड सेंटर में तनाव... ये सब बताता है कि ये लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई। क्या ये जीत है या बस एक छोटा सा पड़ाव? नेटशॉर्ट पर ऐसे सस्पेंस देखना बहुत रोमांचक है।
उस रोबोट सूट वाले योद्धा का उस विशाल राक्षस के सामने खड़ा होना... ये सीन किसी एपिक मूवी से कम नहीं लगता। (डब्ड) कबाड़ का मेक सुल्तान में ऐसे एक्शन सीन्स बार-बार दिल धड़का देते हैं। जब वो राक्षस हरे रंग से चमकता है और फिर अचानक ढह जाता है, तो लगता है जैसे कोई जादू हो रहा हो। वो योद्धा अकेले इतनी बड़ी ताकत का सामना कैसे कर गया? ये सवाल अभी भी दिमाग में घूम रहा है।
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