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बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटावां29एपिसोड

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बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा

आदित्य कैलाश पीठ के मुखिया के सबसे बड़े शिष्य थे, लेकिन उनकी होने वाली पत्नी तारा ने अपने प्रेमी रुद्र के साथ मिलकर उन्हें मरवा दिया। चमत्कार से आदित्य दोबारा जीवित हो उठे और बदला लेने के लिए कैलाश पीठ लौट आए। वह मूर्ख बनने का नाटक कर रहे हैं ताकि असली दुश्मन सामने आ जाएँ, जबकि दुश्मन बार‑बार उन्हें खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच आदित्य के भीतर अग्नि‑ज्वाला जाग उठी—अब वह किसी लड़की को छूते हैं तो उसके शरीर में गर्मी दौड़ जाती है, और किसी जानवर को छूते हैं तो उसकी शक्ति खींच लेते हैं। जब
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इस एपिसोड की समीक्षा

एक्शन का असली मजा

इस एक्शन सीन ने तो रूह कंपा दी और दिल की धड़कनें तेज कर दीं। गंजा दुश्मन खुद को बहुत ताकतवर समझ रहा था लेकिन मुख्य पात्र की तलवार के आगे सब फीका पड़ गया। जब वो सुनहरी रोशनी फूटी ना, बस देखते ही रह गए और सन्न रह गए। बिल्कुल वैसे ही जैसे बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा में दिखाया गया है। पावर शिफ्ट असली है और ये ड्रामा नेटशॉर्ट पर देखना बनता है। एनिमेशन क्वालिटी भी कमाल की है और हर डिटेल पर ध्यान दिया गया है।

रोमांस और जादू

सफेद बालों वाली नायिका और मुख्य पात्र के बीच की केमिस्ट्री देखते ही बनती है और दिल को छू लेती है। उनकी आंखों में जो बात थी, वो शब्दों में बयां नहीं हो सकती। ये रोमांटिक पल युद्ध के बीच बहुत खास लगा और सुकून दिया। मुझे बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाली कहानी याद आ गई। प्योर लव गोल्स सेट कर दिए हैं इन दोनों ने। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखना सुकून देता है। संगीत भी बहुत ही मधुर था पीछे।

शिष्यों का हैरान चेहरा

जब तलवारें गिर रही थीं तो शिष्यों के चेहरे के भाव देखने लायक थे और हैरान करने वाले थे। उन्हें अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था। ये प्लॉट ट्विस्ट किसी भी बड़े बजट फिल्म से कम नहीं है। बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा से भी ज्यादा धमाकेदार लग रहा है। सस्पेंस बना हुआ है कि आगे क्या होगा। हर एपिसोड के बाद बेचैनी बढ़ती जाती है। डायरेक्शन बहुत ही शानदार रहा है इस बार।

विजुअल ट्रीट

विजुअल इफेक्ट्स और लाइटिंग का इस्तेमाल बहुत शानदार तरीके से किया गया है और आंखों को सुकून देता है। वो सुनहरी ऊर्जा की किरण दिव्य लग रही थी। नेटशॉर्ट पर ये अनुभव लेना बहुत अच्छा लगा। ऐसा लग रहा है जैसे बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा की क्वालिटी मिल रही हो। पहाड़ों का बैकग्राउंड भी बहुत सुंदर था। हर फ्रेम को संवारने में मेहनत साफ दिख रही है। रंगों का संयोजन भी बहुत आंखों को सुकून देने वाला था।

वापसी की दास्तान

मुख्य पात्र को पहले कम आंका गया लेकिन बाद में उसने सबको चौंका दिया और हैरान कर दिया। वो दाढ़ी वाला व्यक्ति बहुत चिंतित लग रहा था। ये क्लासिक वापसी की कहानी है जो दिल को छू लेती है। बिल्कुल बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा जैसी ही वाइब्स मिल रही हैं। अंडरडॉग का जीतना हमेशा अच्छा लगता है। ऐसे किरदार निभाने वाले की तारीफ करनी होगी। संवाद भी बहुत ही दमदार थे इस एपिसोड में।

नायिकाओं का जलवा

दोनों नायिकाएं बेहद खूबसूरत लग रही हैं और उनका अभिनय भी लाजवाब है। बैंगनी बालों वाली और सफेद बालों वाली, दोनों का स्टाइल अलग है। उनकी दोस्ती भी बहुत मजबूत लग रही है और प्यारी लगती है। मुझे बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा में बहन जैसे रिश्ते याद आ गए। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखना दुर्लभ है और सुखद है। कॉस्ट्यूम डिजाइन भी बहुत ही लाजवाब बनाए गए हैं। मेकअप भी बहुत ही निखरा हुआ लग रहा था स्क्रीन पर।

तेज रफ्तार कहानी

एपिसोड की रफ्तार बहुत तेज थी लेकिन इसने मुझे बांधे रखा और बोर नहीं होने दिया। कोई भी बोरिंग पल नहीं था बीच में। क्लिफहेंजर तो बहुत ही जबरदस्त था। उम्मीद से कहीं बेहतर लगा ये बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा वाला अंदाज। अगले भाग का इंतजार नहीं हो रहा है। कहानी में गहराई है जो दर्शकों को जोड़े रखती है। स्क्रीनप्ले बहुत ही मजबूत थी पूरी कहानी में।

कोमल पल की झलक

जब उसने उसके चेहरे को छुआ था, तो दिल पिघल गया और प्यार बढ़ गया। युद्ध के बीच ऐसे कोमल पल बहुत खास होते हैं। ये गहराई कम ही ड्रामा में देखने को मिलती है। बिल्कुल बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा जैसा एहसास दिलाया। नेटशॉर्ट ऐप का इंटरफेस भी बहुत अच्छा है। भावनाओं को बहुत बारीकी से दिखाया गया है इसमें। अभिनय में सच्चाई साफ झलक रही थी हर पल।

खलनायक का अंत

गंजा खलनायक बहुत घमंडी था लेकिन कर्म का फल तुरंत मिला और उसे सबक मिला। उन तलवारों ने उसे सबक सिखा दिया। संतुष्टि का स्तर बहुत ऊपर चला गया। ठीक वैसे ही जैसे बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा में होता है। बुराई पर अच्छाई की जीत हमेशा देखने में अच्छी लगती है। एक्शन कोरियोग्राफी भी बहुत शानदार रही है इस बार। स्टंट भी बहुत ही खतरनाक और रोमांचक थे।

शानदार अनुभव

हाल ही में देखा गया यह सबसे बेहतरीन नाटक है और दिल को भा गया। पोशाकें और सेटिंग बहुत ही आकर्षक हैं। अगले भाग का बेसब्री से इंतजार है बेवकूफ बना रहा, मुखिया बन के लौटा का। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट मिलना सुखद है। हर दृश्य में एक जादू है जो दर्शकों को बांधे रखता है। कुल मिलाकर एक शानदार अनुभव रहा यह। निर्माण मूल्य बहुत ही उच्च स्तर के थे।