आयान सिंह रणदेव की चुप्पी सब कुछ कहती है। जब करण चौहान पत्थर हिलाने की कोशिश कर रहा था, तब आयान बस झाड़ू लगा रहा था। यह धैर्य ही उसकी असली ताकत है। गायब हुआ रणदेव में यह दिखाया गया है कि असली शक्ति दिखावे में नहीं होती। अंत में जब उसने पत्थर को एक हाथ से धकेला, तो रोंगटे खड़े हो गए। ऐसे सीन देखने के लिए नेटशॉर्ट ऐप बेस्ट है। मुझे यह बहुत पसंद आया।
करण चौहान को लगा वह बहुत ताकतवर है, लेकिन उसकी अकड़ हवा हो गई। जब उसने उस विशाल पत्थर को धकेलने की कोशिश की, तो पसीने में तरबतर हो गया। वहीं आयान सिंह रणदेव ने बिना किसी मेहनत के उसे हिला दिया। गायब हुआ रणदेव की कहानी में यह टकराव बहुत दिलचस्प है। मुझे यह पसंद आया कि कैसे एक साधारण दिखने वाला व्यक्ति असली हीरो निकला। यह देखने में मजा आया।
शुरुआत में चाय की दुकान पर कहानीकार का सीन बहुत रहस्यमयी था। उसने जो कहानी सुनाई, वह शायद आयान सिंह रणदेव के बारे में ही थी। गायब हुआ रणदेव में हर सीन के पीछे एक राज छिपा है। जब बांस के जंगल में लड़ाई हुई, तो एक्शन देखते ही बनता था। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद आ रही है क्योंकि इसमें पुराना मार्शल आर्ट्स वाला अंदाज है। बहुत शानदार लग रहा है।
आरव शर्मा का एंट्री जैसे ही हुआ, लगा कि अब मुसीबत बढ़ने वाली है। स्कूल मालकिन का भाई होने के नाते उसे अपनी ताकत का घमंड है। लेकिन गायब हुआ रणदेव में यह दिखाया गया है कि घमंड का अंत बुरा होता है। आयान की शांत मुद्रा और आरव का गुस्सा दोनों का कंट्रास्ट बहुत अच्छा लगा। मुझे अगला एपिसोड देखने की जल्दी है। कहानी आगे क्या होगी।
झाड़ू से ताई ची का निशान बनाना कोई साधारण बात नहीं है। आयान सिंह रणदेव की कला और धैर्य दोनों कमाल के हैं। जब करण चौहान और उसके साथी आए, तो लगा झगड़ा होगा। गायब हुआ रणदेव में ऐसे सीन हैं जो दिल को छू लेते हैं। मुझे यह पसंद आया कि हीरो बिना बोले अपनी ताकत दिखाता है। एक्शन और इमोशन का उत्कृष्ट मिश्रण है। बहुत अच्छा बना है।
अंत में जो महिला सफेद कपड़ों में आई, उसकी आंखों में हैरानी साफ दिख रही थी। शायद उसने आयान सिंह रणदेव की असली ताकत देख ली है। गायब हुआ रणदेव में किरदारों के बीच के रिश्ते बहुत गहरे हैं। मुझे यह जानने में दिलचस्पी है कि वह महिला कौन है और आयान के साथ उसका क्या संबंध है। कहानी में अब और रोमांच आने वाला है। मुझे इंतजार है।
विशेष प्रभाव बहुत शानदार हैं, खासकर जब आयान की हथेली से आग निकलती है। करण चौहान के सीने पर जब वह हाथ रखता है, तो जादू सा हो जाता है। गायब हुआ रणदेव में ऐसे फाइट सीन हैं जो बड़े बजट वाली फिल्मों को टक्कर देते हैं। मुझे यह देखकर अच्छा लगा कि भारतीय कलाकार भी ऐसे रोल में जंचते हैं। नेटशॉर्ट पर यह जरूर देखें। बहुत पसंद आया।
युद्ध स्कूल का पिछला आंगन बहुत सुंदर लग रहा था, पीले पत्तों के बीच। आयान सिंह रणदेव वहां अकेले ही सब संभाल रहा है। गायब हुआ रणदेव का दृश्य कार्य बहुत प्यारा है। जब पत्थर हवा में उड़ा, तो ऐसा लगा जैसे गुरुत्वाकर्षण काम नहीं कर रहा। ऐसे दृश्य देखकर मन हल्का हो जाता है। मुझे यह शो बहुत पसंद आ रहा है और मैं इसे सबको सुझाऊंगा। बहुत खूबसूरत है।
कहानीकार का पंखा और उस पर लिखे शब्द बहुत मायने रखते हैं। वह सिर्फ कहानी नहीं सुना रहा, बल्कि भविष्य बता रहा है। गायब हुआ रणदेव में हर छोटी चीज का मतलब निकालना जरूरी है। आयान की आंखों में जो चमक थी, वह बता रही थी कि वह कुछ बड़ा करने वाला है। मुझे यह रहस्य सुलझाना बहुत पसंद आ रहा है। कृपया जल्दी अगला पार्ट लाएं। मजा आ गया।
कुल मिलाकर यह शो एक्शन और नाटक से भरपूर है। करण चौहान और आरव शर्मा जैसे खलनायक हैं जो हीरो को चुनौती देते हैं। गायब हुआ रणदेव में संघर्ष और जीत की कहानी बहुत प्रेरणादायक है। आयान सिंह रणदेव का किरदार निभाने वाले कलाकार ने कमाल किया है। मुझे उम्मीद है कि आगे की कहानी में और भी बड़े खुलासे होंगे। यह वक्त देखने के लायक है। बहुत बढ़िया।