इस दृश्य में तनाव साफ़ दिखाई दे रहा है और जब तलवार निकाली गई तो सांस रुक गई। काले वस्त्रों वाले योद्धा की आंखों में दर्द साफ़ झलक रहा था और वह कुछ कहना चाह रहा था। सफेद पोशाक वाली शांत खड़ी थी पर खतरा मोल ले रही थी। गायब हुआ रणदेव कहानी में ऐसा मोड़ नहीं सोचा था और हर फ्रेम में एक नया रहस्य खुलता है। अभिनय इतना सटीक है कि लगता है हम वहीं मौजूद हैं और रात के दृश्य की रोशनी भी बहुत सुंदर लगी।
नीली साड़ी वाली योद्धा की आंखों में आंसू देखकर दिल भर आया और उसे यह कदम नहीं उठाना चाहिए था। सामने खड़ी स्त्री पर विश्वास है या संदेह, यह स्पष्ट नहीं है और देखने वाले को हैरानी होती है। गायब हुआ रणदेव में भावनाओं की गहराई बहुत अच्छे से दिखाई गई है और हाथ के इशारे से जादू करना वाला सीन कमाल का था। पोशाक डिजाइन भी लाजवाब है और हर पल कुछ नया होता है जो बांधे रखता है।
माथे पर लाल बिंदु वाली की मुस्कान के पीछे का राज क्या है और वह खतरे में भी नहीं घबराई। काले कपड़े वाले योद्धा से उनकी क्या दुश्मनी है यह जानना जरूरी है। गायब हुआ रणदेव की कहानी में हर किरदार की अपनी मजबूरी है और संवाद बहुत भारी और गहरे लग रहे थे। पृष्ठभूमि में लालटेन की रोशनी ने माहौल बना दिया और अंत में धुएं वाला इफेक्ट रहस्य बढ़ाता है।
गुलाबी पोशाक वाली चुपचाप सब देख रही थी और उसके चेहरे पर चिंता साफ़ थी। शायद वह कुछ बोलना चाहती थी पर रुक गई और यह उसकी मजबूरी थी। गायब हुआ रणदेव में ऐसे छोटे भाव भी बड़ी कहानी कहते हैं और तलवार की नोक पर बातचीत होना आम बात नहीं है। यह साहस की बात है और दर्शक के रूप में मैं हैरान रह गया। अगला एपिसोड कब आएगा इसका इंतज़ार है।
जब तलवार निकली तो लगा अब लड़ाई होगी पर काले वस्त्रों वाले योद्धा ने हाथ से रोका। यह शक्ति किस तरह की है यह जानना रोचक है। गायब हुआ रणदेव में जादू और युद्ध का मिश्रण बहुत रोचक है और स्त्रियों के गहने और कपड़े बहुत बारीकी से बनाए गए हैं। रात का समय और गंभीर चेहरे कहानी की गंभीरता बताते हैं और देखने में बहुत मज़ा आ रहा है।
सफेद वस्त्र वाली ने जब बात की तो आवाज़ में ठहराव था और वह हार मानने वाली नहीं लगती। काले कपड़े वाले योद्धा का गुस्सा काबू में है और वह संयम बनाए हुए है। गायब हुआ रणदेव में रिश्तों की जटिलता दिखाई गई है और कैमरा एंगल हर भाव को पकड़ रहा है। धीमी गति से चलने वाला दृश्य भी उबाऊ नहीं लगता और हर पल की कीमत है।
नीले वस्त्र वाली योद्धा ने तलवार सीधी कर दी और उसका इरादा साफ़ था। पर सामने वाली नहीं डरी और वह डटकर खड़ी रही। गायब हुआ रणदेव में ऐसे साहसिक दृश्य बार बार देखने को मिलते हैं और पुराने जमाने की वास्तुकला भी सुंदर लग रही है। खंभे और दीवारें कहानी का हिस्सा लगती हैं और संगीत भी अगर होता तो और असर डालता।
अंत में धुएं का असर जादुई लगा और क्या वह गायब हो गई। यह रहस्य सुलझना बाकी है और दर्शक सोच में पड़ जाता है। गायब हुआ रणदेव में ऐसे क्लिफहैंगर बहुत पसंद आते हैं और काले वस्त्रों वाले योद्धा की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। उसकी आंखें सब कुछ कह रही थीं और बिना बोले ही बात हो गई। यह कला है।
तीन किरदारों के बीच की दूरी और नज़दीकियां देखने लायक हैं और कोई आगे है तो कोई पीछे। गायब हुआ रणदेव में पात्रों की स्थिति बदलती रहती है और गुलाबी पोशाक वाली बीच में फंसी हुई लग रही थी। उसकी बेचैनी साफ़ झलक रही थी और ऐसे दृश्य दिल पर असर करते हैं। कहानी आगे बढ़ती जाएगी और नए मोड़ आएंगे।
रात के अंधेरे में यह मुलाकात किसी अंत की शुरुआत लगती है और तलवारें और जादू दोनों मौजूद हैं। गायब हुआ रणदेव में हर दृश्य में नयापन है और काले कपड़े वाले योद्धा की पकड़ मजबूत लग रही थी। स्त्रियों की हिम्मत भी कम नहीं है और यह बराबरी का मुकाबला है। देखने वाले को बांधे रखता है और कहानी में दम है।