नीली जैकेट वाली महिला का रिएक्शन देखकर लग रहा था कि वह उल्टी करने वाली हैं वहीं फूलों वाले कोट वाले निर्णायक हैरान होकर पूछ रहे हैं कि यह सब कैसे आ गया कार्यक्रम में बदले की आग में पका खाना की इस कड़ी में तनाव चरम पर है काले रसोइया की मुस्कान बता रही है कि यह सब उसकी साजिश है जानवरों के साथ ऐसा व्यवहार देखकर दिल दहल जाता है पर नाटक तो जबरदस्त है
बंदर की आंखों में डर साफ दिख रहा था जब वह पिंजरे में इधर उधर भाग रहा था दर्शकों की चीखें और कैमरों की चमकती रोशनी ने माहौल को और भी डरावना बना दिया कार्यक्रम में बदले की आग में पका खाना में जानवरों का इस्तेमाल करके रसोइया ने सबको झटका दिया है सफेद रसोइया का हाथ मुट्ठी में बंद होना दिखाता है कि वह अंदर से कितना गुस्से में है भले ही बाहर से शांत दिख रहा हो
रसोइया ने गर्व से कहा कि खर्चे की कोई परवाह नहीं की गई है यह सुनकर लगता है कि उसने यह सब सिर्फ निर्णायकों को प्रभावित करने के लिए नहीं बल्कि उन्हें डराने के लिए किया है कार्यक्रम में बदले की आग में पका खाना में पागलपन की हदें पार हो गई हैं सुनहरे कोट वाले निर्णायक का चुनौती भरा लहजा बताता है कि अब खेल बिगड़ने वाला है क्या सफेद रसोइया वाकई बंदर का दिमाग पकाएगा
नीले रसोइया की वह शैतानी हंसी और आंखों में चमक बता रही थी कि उसे इस स्थिति में बहुत मजा आ रहा है उसने अपने साथी निर्णायक से पूछा कि कैसा लगा मानो वह किसी भयानक खेल का आनंद ले रहा हो कार्यक्रम में बदले की आग में पका खाना में खलनायक का प्रवेश हो चुकी है बंदर का पिंजरे में रोना और लोगों का डरना इस शो को और भी गंभीर बना रहा है यह कोई साधारण पाक कार्यक्रम नहीं रहा
सफेद वर्दी वाले रसोइया का चेहरा पत्थर जैसा सख्त है वह न तो डर रहा है और न ही घबराया हुआ है उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि उसके मन में कुछ और ही चल रहा है कार्यक्रम में बदले की आग में पका खाना में वह अगला बड़ा धमाका करने वाला है जब उसने कहा अब सोचो बंदर का दिमाग तो लगा कि वह सबकी नसों पर खेल रहा है यह रसोइया खतरनाक है