शुरुआत में सबको लगा कि महंगे लॉबस्टर वाला पकवान ही जीतेगा, लेकिन निर्णायक ने तो कमाल कर दिया। उसने साधारण तले हुए चावल को अगला स्तर बता दिया। यह दिखाता है कि खाने में असली जादू महंगे सामान में नहीं, बल्कि स्वाद में होता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे दृश्य देखना बहुत पसंद आता है क्योंकि यहाँ हर कहानी में एक नया मोड़ होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है।
यह दृश्य प्रसिद्ध सस्ते बनाम महंगे के विषय पर आधारित है। नीले रसोइया के पास पैसे कम हैं लेकिन आत्मविश्वास ज्यादा है। वहीं सोने वाले रसोइया के पास सब कुछ है लेकिन शायद स्वाद में कमी है। निर्णायक का प्रतिक्रिया देखकर लगता है कि सादगी ही असली जीत है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना की यह कड़ी बहुत ही दिलचस्प थी जिसने खाने के प्रति नजरिया बदल दिया।
दृश्य में सिर्फ रसोइया ही नहीं, बल्कि दर्शकों के चेहरे भी बहुत कुछ कह रहे थे। जब निर्णायक ने तला हुआ चावल खाया तो सबकी सांसें रुक गई थीं। यह तनाव और उत्साह देखने लायक थी। ऐसे नाटकीय मोड़ नेटशॉर्ट ऐप की खासियत हैं जो हर दृश्य को यादगार बना देते हैं और दर्शकों को अगली कड़ी का इंतजार करने पर मजबूर कर देते हैं।
इस दृश्य ने साबित कर दिया कि खाने की कीमत उसकी कीमत से नहीं, बल्कि उसके स्वाद से तय होती है। महिर की सामग्री की कीमत २००० डॉलर थी, लेकिन निर्णायक को १० डॉलर वाला तला हुआ चावल ज्यादा पसंद आया। यह एक बहुत बड़ा सबक है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना देखकर लगता है कि असली रसोइया वही है जो साधारण चीजों से कमाल कर दे।
नीले रसोइया की कहानी बहुत प्रेरणादायक है। सब उसका मजाक उड़ा रहे थे कि वह सड़क किनारे खाने की दुकान पर वापस चला जाएगा, लेकिन अंत में उसी ने बाजी मारी। उसका आत्मविश्वास और हुनर देखने लायक था। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे कमजोर प्रतिभागी की कहानियां देखना बहुत अच्छा लगता है जो सबको गलत साबित कर देते हैं और अपनी काबिलियत से सबका दिल जीत लेते हैं।