नीले कोट वाले शेफ ने उसे सड़क छाप और फ्रॉड कहा, लेकिन उसकी आंखों में डर साफ झलक रहा था। शायद उसे पता है कि सामने खड़ा इंसान कितना खतरनाक है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में यह टकराव देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जज की कुर्सी पर बैठी महिला अब क्या फैसला सुनाएगी?
बैंगनी ड्रेस वाली जज ने एक शब्द नहीं बोला, बस प्लेट में रखे खाने को देखा और फिर उस शख्स को। उसकी आंखों में गुस्सा और हैरानी दोनों थे। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में यह मौन क्षण सबसे ज्यादा प्रभावशाली था। लगता है अब रेस्टोरेंट की कुर्सी हिलने वाली है।
पीछे खड़ी भीड़ के चेहरे पर हैरानी और डर का मिला-जुला असर था। कोई फुसफुसा रहा था, कोई उंगली उठा रहा था। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में यह भीड़ का दृश्य बहुत ही यथार्थवादी लगा। लगता है इस शेफ के आने से सबकी नींद हराम हो गई है।
नीले शेफ ने शक जताया कि कहीं आज फिर वही अवैध सामग्री तो नहीं इस्तेमाल हुए। लेकिन सफेद शेफ के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में यह सस्पेंस बना हुआ है कि आखिरकार खाने में क्या खास है जो सबको चौंका रहा है।
सब हैरान थे कि जिस शेफ को रेस्टोरेंट से प्रतिबंधित कर दिया गया था, वह वापस कैसे आ गया। क्या उसके पास कोई सबूत है या यह सिर्फ बदले की आग है? (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में यह कहानी में मोड़ बहुत ही दमदार लगा। अब देखना है कि कौन बाजी मारता है।