जय मनीष ने मंच पर खड़े होकर कहा कि खन्ना की मौत एक छिपा हुआ वरदान है। यह सुनकर दर्शकों के बाल खड़े हो गए। इतनी बेरहमी कोई कैसे दिखा सकता है? (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में यह सीन सबसे ज्यादा चौंकाने वाला था। जय को लगता है वह अकेला बादशाह है, पर उसे नहीं पता कि उसका अंत कितना बुरा होने वाला है।
जब जय मनीष ने सबको बेइज्जत किया, तो भीड़ में खड़े लोग हैरान रह गए। किसी ने चिल्लाया, किसी ने गुस्से में मुट्ठी भींच ली। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना का यह सीन दिखाता है कि कैसे एक अहंकारी इंसान पूरे माहौल को जहर बना सकता है। दर्शकों का गुस्सा साफ दिख रहा था, यह एक्टिंग नहीं, असली नफरत लग रही थी स्क्रीन पर।
जब एड और मारा उसे डांट रहे थे, तब जय मनीष के चेहरे पर जो शैतानी मुस्कान थी, वह रोंगटे खड़ी कर देने वाली थी। उसे अपनी जीत का पूरा यकीन है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में विलेन इतना घमंडी कम ही देखा गया है। उसकी यह मुस्कान बता रही है कि वह कुछ बहुत बड़ा षड्यंत्र रच रहा है, जो सबकी नींद उड़ा देगा।
मारा ने जब जय से अपनी जुबान संभालने को कहा, तो जय ने बस हंसकर टाल दिया। उसे किसी की परवाह नहीं है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में मारा का किरदार बहुत मजबूत लग रहा है, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रही है। जय की यह बेरुखी आगे चलकर उसके लिए मुसीबत बनने वाली है, यह पक्का है।
पूरा सीन इतने तनाव के साथ बनाया गया है कि लगता है अभी कोई लड़ाई शुरू हो जाएगी। जय मनीष का अहंकार और बाकी शेफ्स का गुस्सा आमने-सामने है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना का यह एपिसोड दिल की धड़कनें तेज कर देता है। डायलॉग बाजी और एक्टिंग इतनी शानदार है कि आप स्क्रीन से नजर नहीं हटा पाते।