काले यूनिफॉर्म वाले शेफ ने जो डिश प्लेट की है, वह सिर्फ खाना नहीं, एक कलाकृति लग रही है। लाल सॉस और ब्लैक नूडल्स का कॉम्बिनेशन विजुअली बहुत स्ट्रांग है। लेकिन असली मजा तो तब आया जब सलीम ने उसे चखा। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे सीन्स बार-बार देखने को मिलते हैं जो दिल को छू जाते हैं।
सलीम गफूर का किरदार इतना ओवर द टॉप है कि हंसी नहीं रुकती। 'मेरी आत्मा तृप्त हो गई' बोलकर वे जो एक्टिंग करते हैं, वह लाजवाब है। फिर भी जब उन्हें पकड़ा जाता है, तो उनका शर्मिंदा होना और भागने की कोशिश करना बहुत फनी है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे मोमेंट्स ही शो की जान हैं।
सफेद यूनिफॉर्म वाले शेफ ने फ्रिज से जो डिश निकाली, वह बर्फ में जमी हुई थी। यह देखकर सब हैरान रह गए। क्या यह जानबूझकर किया गया था या कोई गलती? यह सस्पेंस बनाए रखता है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में हर एपिसोड में कुछ न कुछ नया होता है जो दर्शकों को बांधे रखता है।
जब 'टाइम खत्म' घोषित होता है, तो सभी शेफ्स के चेहरे पर तनाव साफ दिखता है। कुछ खुश हैं, कुछ निराश। यह प्रतियोगिता का असली चेहरा है। सलीम का इस बीच खाना खाना और पकड़ा जाना एक अलग ही लेयर जोड़ता है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे इमोशनल और फनी मोमेंट्स का संतुलन बहुत अच्छा है।
सलीम गफूर का किचन में छुपकर दूसरों के खाने को टेस्ट करना और फिर पकड़े जाना बहुत ही शर्मनाक और फनी सीन है। उनका बहाना बनाना और भागने की कोशिश करना दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देता है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे कॉमेडी एलिमेंट्स शो को और भी इंटरटेनिंग बनाते हैं।