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(डबिंग) बदले की आग में पका खानावां57एपिसोड

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(डबिंग) बदले की आग में पका खाना

शेफ लक्ष्य खन्ना, जो कभी "कुकिंग के बादशाह" थे, अपनी पत्नी की कार दुर्घटना में मृत्यु के बाद टूट गए। अवसाद से वे बेघर हो गए और कुत्ते 'शेरू' के अलावा सब कुछ खो दिए। किचन में काम करते समय एक सु-शेफ ने उन्हें प्रताड़ित किया, एक दुष्ट व्यवसायी ने उन्हें वापसी के लिए मजबूर किया। विश्वासघात और शेरू की हत्या के बाद लक्ष्य ने बदला लेने के लिए अपना चाकू उठा लिया।
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इस एपिसोड की समीक्षा

गंजा खलनायक का गुस्सा देखकर हंसी भी आई और डर भी

वह आदमी फोन पर चिल्ला रहा था जैसे पागल हो गया हो। «उसके कुत्ते को नहीं!» वाला संवाद सुनकर तो हंसी नहीं रुक रही थी। लेकिन फिर उसका गुस्सा देखकर डर भी लगा। (हिंदी संस्करण) बदले की आग में पका खाना में ऐसे खलनायक ही तो कहानी को मज़ा देते हैं। उसका हर भाव अतिरंजित था।

जय मनीष की ताकत का अंदाज़ा लगा रहे हैं सभी

वेशभूषा वाले आदमी ने सही कहा कि जय मनीष कोई मज़ाक नहीं है। वह प्रतियोगिता के सबसे कठिन रसोइयों में से एक है। लाल बालों वाली लड़की की चेतावनी भी गंभीर थी। (हिंदी संस्करण) बदले की आग में पका खाना में हर किरदार की अपनी अहमियत है। जय मनीष के खिलाफ साजिश रचने वाले अब पछताएंगे।

लाल बालों वाली लड़की की आँखों में छुपा है राज

जब वह लड़की लियोन से बात कर रही थी, तो उसकी आँखों में चिंता और डर दोनों साफ दिख रहे थे। वह जानती है कि वरुण बोहरानी क्या कर सकता है। (हिंदी संस्करण) बदले की आग में पका खाना में ऐसे दृश्य ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। उसका हर इशारा कहानी का हिस्सा बन रहा है।

रसोई में खड़े रसोइयों की प्रतिक्रिया देखने लायक थी

जब गंजा आदमी चिल्ला रहा था, तो पीछे खड़े रसोइयों के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे। कोई डरा हुआ, कोई गुस्से में, तो कोई बस तमाशा देख रहा था। (हिंदी संस्करण) बदले की आग में पका खाना में ऐसे समूह दृश्य बहुत अच्छे लगते हैं। हर रसोइये की अपनी कहानी होगी।

अंतिम दौर का एलान होते ही माहौल बदल गया

पर्दे पर जब 'अंतिम दौर' दिखा और दोनों रसोइयों की तस्वीरें आईं, तो कक्ष में सन्नाटा छा गया। सबको पता था कि अब असली लड़ाई शुरू होने वाली है। (हिंदी संस्करण) बदले की आग में पका खाना में ऐसे पल ही तो यादगार बन जाते हैं। हवा में तनाव साफ महसूस हो रहा था।

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