बांस के जंगल का माहौल इतना डरावना था कि रूह कांप गई। बूढ़े गुरु की चीखें और वीर की आंखों में आंसू देखकर दिल पसीज गया। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में यह सीन सबसे ज्यादा इमोशनल था। काश वीर उस दिन रुक जाता, पर बदले की आग ने सब जला दिया।
वीर के चेहरे पर वो लाल निशान और आंखों में गहरा दर्द देखकर लगता है जैसे वो अपनी ही दुनिया में खो गया हो। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट ने दिखाया कि कैसे एक गलती पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है। कब्रिस्तान वाला सीन तो रूला देता है।
बूढ़े गुरु का वो आखिरी पल जब वो जमीन पर गिरते हैं और वीर बस देखता रह जाता है, वो सीन दिल दहला देने वाला था। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे मोड़ आते हैं जो सोचने पर मजबूर कर देते हैं। क्या सच में बदला लेना जरूरी था?
वो महिला जो काले और सफेद कपड़ों में थी, उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में उसका किरदार बहुत गहरा लगता है। शायद वो वीर के दर्द को समझती है, या फिर वो भी किसी बदले की योजना बना रही है?
कब्र पर रखा वो छोटा सा सफेद बर्तन और धूप की बत्ती देखकर लगा जैसे कोई पुरानी परंपरा निभाई जा रही हो। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे छोटे-छोटे डिटेल्स कहानी को और भी गहरा बना देते हैं। वीर की चुप्पी सब कुछ कह रही थी।
गुरु और वीर के बीच का रिश्ता बहुत खास लगता था। गुरु की मृत्यु के बाद वीर की आंखों में जो खालीपन था, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट ने इस रिश्ते को बहुत खूबसूरती से दिखाया है।
बांस के जंगल का सेट इतना असली लगता था कि लगता था जैसे हम भी वहीं मौजूद हैं। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में लोकेशन का चुनाव कहानी के मूड को और भी गहरा बना देता है। हर दृश्य में एक अलग ही जादू था।
वीर की आंखों में जो दर्द था, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में उसकी एक्टिंग इतनी असली लगती है कि लगता है जैसे वो सच में उस दर्द से गुजर रहा हो। कब्रिस्तान वाला सीन तो दिल तोड़ देता है।
बदले की आग ने वीर को अंदर से जला दिया। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट ने दिखाया कि कैसे एक गलत फैसला पूरी जिंदगी बर्बाद कर देता है। वीर की आंखों में वो खालीपन देखकर लगता है जैसे वो अपनी ही दुनिया में खो गया हो।
कब्रिस्तान में वीर का अकेले खड़ा होना और फिर चले जाना, वो सीन बहुत इमोशनल था। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ऐसे मोड़ आते हैं जो दिल को छू लेते हैं। वीर की चुप्पी और उसकी आंखों में आंसू सब कुछ कह रहे थे।