जब लग रहा था कि बूढ़े गुरु की हार पक्की है, तभी आसमान से एक पालकी उतरती है और सबकी सांसें रुक जाती हैं। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में यह एंट्री किसी सुपरहीरो फिल्म से कम नहीं लगती। वो लंबे बालों वाला योद्धा जिस तरह जमीन पर उतरता है, उसमें एक अलग ही रौब है। अब देखना ये है कि क्या वो अकेले ही इस पूरी भीड़ को संभाल पाएंगे या फिर ये बस एक ड्रामा है।
गर्मियों में अचानक बर्फ गिरने लगती है, ये सीन देखकर तो मैं भी हैरान रह गया। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट के मेकर्स ने विजुअल इफेक्ट्स पर अच्छा खासा काम किया है। वो बुजुर्ग व्यक्ति जो पहले कमजोर लग रहा था, अब बर्फ को अपने हाथों में लेकर कुछ मंत्र पढ़ रहा है। क्या ये कोई जादू है या फिर कोई छल? हर किरदार का चेहरा देखकर लग रहा है कि अब असली लड़ाई शुरू होने वाली है।
नीली पोशाक वाला शख्स शुरू से ही कुछ अलग लग रहा था, और अंत में उसने अपनी असली नीयत दिखा ही दी। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ये ट्विस्ट बहुत ही दमदार था। जब उसने अपने ही गुरु पर हमला किया, तो सबके होश उड़ गए। वो लंबे बालों वाला योद्धा समय पर आ गया, वरना तो बूढ़े गुरु का क्या होता, ये सोचकर ही डर लग रहा है। अब तो बस एक्शन का इंतजार है।
इतने सारे तलवारबाजों के बीच ये लड़की जो बांस की छड़ी लेकर खड़ी है, इसका कॉन्फिडेंस देखते ही बनता है। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में इस किरदार ने सबका ध्यान खींच लिया है। जब वो आगे बढ़ती है, तो लगता है कि ये कोई साधारण लड़की नहीं है। शायद ये उस नए योद्धा की शिष्या हो या फिर कोई गुप्त शक्ति रखती हो। इसके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि गुस्सा साफ दिख रहा है।
शुरुआत में सब कुछ ठीक लग रहा था, लोग हंस रहे थे और बातें कर रहे थे, लेकिन निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ये शांति बहुत जल्दी टूट गई। वो दाढ़ी वाला व्यक्ति जो मजाक कर रहा था, अचानक गंभीर हो गया। और फिर वो नीला कोट वाला आदमी जिसने इशारा किया, उसने सब कुछ बदल दिया। ये सीन बताता है कि खतरा कभी भी, कहीं से भी आ सकता है, चाहे माहौल कितना भी खुशनुमा क्यों न हो।
बूढ़े गुरु को जब दो लोगों ने पकड़ लिया, तो उनकी आंखों में जो बेबसी थी, वो दिल को छू गई। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में इस सीन ने इमोशनल लेवल को ऊपर पहुंचा दिया। वो शक्तिशाली व्यक्ति जो कभी सबको हुक्म देता था, आज खुद मदद के लिए तरस रहा है। लेकिन फिर भी, उसकी आंखों में उम्मीद अभी भी बाकी है, शायद उसे पता है कि उसका रक्षक आने वाला है।
जब वो पालकी हवा में तैरती हुई नीचे आई, तो पूरा माहौल जादुई हो गया। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट का ये सीन निश्चित रूप से सबसे यादगार है। चारों तरफ फूल बिखर रहे थे और वो योद्धा जिस तरह शांति से खड़ा था, उससे लग रहा था कि वो किसी देवता से कम नहीं है। ये एंट्री सिर्फ एक धमाका नहीं, बल्कि एक संदेश थी कि अब खेल बदलने वाला है।
नीले कोट वाले शख्स ने जब अपनी चाल चली, तो उसे लगा कि वो जीत गया है, लेकिन निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में उसे क्या पता था कि उसका सामना किससे होने वाला है। जब नया योद्धा आया, तो उसके चेहरे के भाव देखने लायक थे। उसे अपनी गलती का अहसास हो चुका था। अब तो बस ये देखना बाकी है कि उसे किस तरह की सजा मिलती है।
जब वो लंबे बालों वाला व्यक्ति सामने आया, तो बूढ़े गुरु की आंखों में पहचान साफ दिख रही थी। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में ये रिश्ता बहुत पुराना लग रहा है। शायद ये दोनों कभी दोस्त थे या फिर एक ही गुरु के शिष्य। उसकी वापसी सिर्फ बचाने के लिए नहीं, बल्कि कुछ पुराने हिसाब चुकता करने के लिए भी हो सकती है। ये कहानी अब और भी गहरी होती जा रही है।
लड़ाई शुरू होने से पहले का ये माहौल बहुत ही तनावपूर्ण था। निकम्मा का राइज: थ्रोन पलट में हर किरदार अपनी जगह जमाए खड़ा था। कोई डरा हुआ था, तो कोई गुस्से में। वो बर्फ का गिरना जैसे प्रकृति का इशारा था कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। जब तलवारें निकलेंगी, तो शायद ये जगह खून से रंग जाए। ये सीन देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।