इस दृश्य में काले कपड़ों वाले खलनायक का अभिनय सचमुच लाजवाब है। उसकी आँखों में जो क्रूरता और घमंड दिखाई देता है, वह दर्शकों को रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है। जब वह सफेद पोशाक वाले योद्धा पर हमला करता है, तो लगता है जैसे निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट की कहानी में एक नया मोड़ आ गया हो। उसकी मुट्ठी से निकलती काली ऊर्जा और चेहरे पर उभरी नसें बताती हैं कि वह कोई साधारण इंसान नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली जादूगर है।
सफेद और नीले रंग की पोशाक पहने युवा योद्धा की हालत देखकर बहुत दुख होता है। वह बार-बार हमले झेल रहा है और जमीन पर गिर जाता है, लेकिन उसकी आँखों में हार मानने का जज़्बा नहीं है। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे पात्रों की जरूरत होती है जो मुश्किल वक्त में भी डटे रहें। जब वह खून थूकता है और फिर भी खड़ा होने की कोशिश करता है, तो दर्शक उसके साथ खड़े हो जाते हैं। उसकी आँखों में लाली और चेहरे पर दर्द साफ दिखाई देता है।
जब सफेद दाढ़ी वाले बूढ़े गुरु स्क्रीन पर आते हैं, तो माहौल बदल जाता है। उनकी शांत मुद्रा और गहरी आँखें बताती हैं कि वे बहुत अनुभवी हैं। वे युवा योद्धा को देखकर कुछ कहते हैं, शायद कोई गुप्त मंत्र या सलाह। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे पात्र कहानी की रीढ़ होते हैं। उनका भूरा वस्त्र और कमर पर बंधी चमड़े की पट्टी उन्हें एक प्राचीन योद्धा या ऋषि जैसा दिखाती है। उनकी उपस्थिति से लगता है कि अब युवा योद्धा को कोई शक्तिशाली मार्गदर्शन मिलने वाला है।
पीछे बैठे दर्शकों के चेहरे पर जो डर और चिंता दिखाई देती है, वह लड़ाई की गंभीरता को बढ़ा देती है। एक महिला जो सफेद और नीले कपड़ों में है, वह बहुत चिंतित लग रही है। वहीं एक अन्य पुरुष जो सफेद वस्त्र पहने है, वह अपने सीने को पकड़े हुए है, मानो उसे भी दर्द हो रहा हो। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे छोटे-छोटे विवरण कहानी को जीवंत बनाते हैं। ये दर्शक सिर्फ देखने वाले नहीं, बल्कि कहानी का हिस्सा लगते हैं।
लड़ाई के दृश्यों में जो गति और ऊर्जा है, वह देखने लायक है। काले कपड़ों वाला खलनायक जब हमला करता है, तो कैमरा एंगल और स्लो मोशन का इस्तेमाल बहुत अच्छे से किया गया है। सफेद पोशाक वाला योद्धा जब बचने की कोशिश करता है, तो उसके हाव-भाव बहुत प्राकृतिक लगते हैं। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे एक्शन सीन्स दर्शकों को बांधे रखते हैं। खासकर जब युवा योद्धा जमीन से उठकर फिर से तैयार होता है, तो लगता है कि अब असली लड़ाई शुरू होने वाली है।
काले कपड़ों वाले खलनायक के चेहरे पर जो काली नसें उभर आई हैं, वह उसके अंदर की शक्ति या श्राप को दर्शाती हैं। जब वह गुस्से में चिल्लाता है, तो उसकी आँखें और भी डरावनी लगती हैं। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे विजुअल इफेक्ट्स पात्र की शक्ति को दिखाते हैं। उसकी मुट्ठी से निकलती काली धुएं जैसी ऊर्जा बताती है कि वह किसी अंधेरी शक्ति का इस्तेमाल कर रहा है। यह दृश्य दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर यह शक्ति कहाँ से आई है।
जब युवा योद्धा जमीन पर गिरा होता है और उसके मुंह से खून निकलता है, तो उसकी आँखों में जो लाली और गुस्सा दिखाई देता है, वह बहुत प्रभावशाली है। यह बताता है कि वह हारा नहीं है, बल्कि और भी ताकतवर होकर उठेगा। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे भावनात्मक पल पात्रों को गहराई देते हैं। उसके बाल बिखरे हुए हैं और चेहरे पर पसीना और खून लगा है, लेकिन उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है जो बताती है कि वह अभी लड़ेगा।
इस दृश्य की पृष्ठभूमि में जो पुरानी इमारतें और लकड़ी के स्तंभ दिखाई देते हैं, वे कहानी को एक ऐतिहासिक या पौराणिक माहौल देते हैं। लाल रंग की कारपेट और पीछे लगे झंडे बताते हैं कि यह कोई महत्वपूर्ण स्थान है, शायद किसी मंदिर या दरबार का आंगन। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे सेट डिजाइन दर्शकों को उस दुनिया में ले जाते हैं। पृष्ठभूमि में बैठे लोग और उनकी पोशाकें भी उसी युग की लगती हैं, जो कहानी की प्रामाणिकता बढ़ाती हैं।
जब नीले कपड़ों वाला युवा पात्र स्क्रीन पर आता है और मुस्कुराता है, तो लगता है कि उसे कुछ खास पता है। वह बूढ़े गुरु के साथ खड़ा है और कुछ कह रहा है, शायद वह युवा योद्धा का दोस्त या सहयोगी है। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे पात्र कहानी में नई उम्मीद लाते हैं। उसकी मुस्कान में एक अजीब सा भरोसा है, मानो वह जानता हो कि अब सब ठीक होने वाला है। उसकी कमर पर बंधी चमड़े की पट्टी उसे एक योद्धा जैसा दिखाती है।
जब लड़ाई का पहला दौर खत्म होता है और सब लोग चुपचाप देख रहे होते हैं, तो उस सन्नाटे में एक अजीब सी तनावपूर्ण शांति होती है। युवा योद्धा जमीन पर हांफ रहा है और खलनायक उसे घूर रहा है। निकम्मा का राइज़ थ्रोन पलट में ऐसे पल दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि आगे क्या होगा। बूढ़े गुरु की ओर देखना और युवा योद्धा का फिर से तैयार होना बताता है कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। यह सन्नाटा तूफान से पहले की शांति जैसा लगता है।