शुरुआत में ही ब्रेकिंग न्यूज़ देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जंगल में मिली लाश और सूखी त्वचा का ज़िक्र इतना डरावना था कि मैंने फोन रख दिया। फिर वो लड़की का चेहरा... उसकी आँखों में जो डर था, वो सीधे दिल में उतर गया। जब इविल आता है का ये अंदाज़ मुझे बहुत पसंद आया, बिना किसी शोर के डर पैदा करता है।
जब उस लड़की ने पिता को मैसेज किया और जवाब में ये पता चला कि गुड़िया ने क्लोई के शरीर पर कब्ज़ा कर लिया है, तो मेरी सांसें रुक गईं। खून पीकर वो गुड़िया इंसान बन रही है, ये कॉन्सेप्ट बहुत ही अनोखा और भयावह है। जब इविल आता है ने साबित कर दिया कि छोटी कहानियां भी कितनी गहरी हो सकती हैं।
वो ब्लॉन्ड लड़की जब शीशे के सामने खड़ी हुई और लिपस्टिक लगाई, तो लगा जैसे कोई और ही इंसान हो गया हो। उसकी मुस्कान में जो ठंडक थी, वो किसी इंसान की नहीं हो सकती। शायद यही वो गुड़िया है जो अब क्लोई बनकर घूम रही है। जब इविल आता है का ये ट्विस्ट मेरे दिमाग से नहीं निकल रहा।
रात 8:30 बजे जैक का मैसेज आया और क्लोई की आँखों में जो चमक आई, वो किसी प्यार की नहीं, शिकार की भूख जैसी लग रही थी। अब वो बास्केटबॉल कोर्ट पर किससे मिलने जाएगी? क्या जैक अगला शिकार होगा? जब इविल आता है ने मुझे बिल्कुल बांध लिया है, अगला एपिसोड कब आएगा?
लड़के की लाश का सूख जाना और क्लोई का ठीक हो जाना, ये दोनों बातें जब जुड़ीं तो कहानी का असली चेहरा सामने आया। ये गुड़िया सिर्फ खून नहीं पी रही, बल्कि इंसानियत को भी निगल रही है। जब इविल आता है की ये कहानी मुझे बहुत अंदर तक छू गई है, डर और करुणा दोनों हैं।
उस लड़की के कमरे की खिड़कियां, पुराना फर्नीचर और धूप की किरणें... सब कुछ इतना सुंदर था लेकिन फिर भी एक अजीब सी बेचैनी थी। जैसे कुछ बुरा होने वाला हो। जब इविल आता है ने सेट डिज़ाइन के जरिए भी कहानी को बहुत गहराई दी है, बस देखते रहने का मन करता है।
लाल लिपस्टिक लगाते वक्त क्लोई के चेहरे पर जो भाव थे, वो किसी इंसान के नहीं हो सकते। जैसे वो अपने नए रूप को परख रही हो। ये छोटा सा डिटेल ही बता देता है कि अब वो इंसान नहीं रही। जब इविल आता है में ऐसे ही छोटे-छोटे संकेतों से बड़ी कहानी कही गई है।
पहले लगा कि ये सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री है, लेकिन जब पता चला कि ये गुड़िया का खेल है, तो डर एक नया लेवल पर चला गया। क्लोई की आँखों में जो खालीपन है, वो सबसे ज्यादा डरावना है। जब इविल आता है ने मेरे डर की परिभाषा ही बदल दी है।
लड़की का पिता को मैसेज करना और फिर उनका डरावना जवाब... इसमें एक अजीब सी मजबूरी थी। जैसे वो दोनों किसी बड़ी मुसीबत में फंस गए हों। जब इविल आता है ने रिश्तों को भी डर के साये में दिखाया है, जो बहुत ही दिलचस्प है।
जैक को मैसेज करके क्लोई ने साफ कर दिया कि उसका अगला कदम क्या है। अब वो बास्केटबॉल कोर्ट पर क्या करने वाली है? क्या जैक को पता भी है कि वो किससे मिलने जा रहा है? जब इविल आता है ने मुझे इतना उत्सुक कर दिया है कि मैं बस अगला एपिसोड देखना चाहता हूं।
इस एपिसोड की समीक्षा
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