जब वह लड़की बिस्तर पर उठती है तो उसके चेहरे पर दरारें और आँखों में नीलापन देखकर रूह कांप जाती है। डॉक्टर और परिवार वाले डरे हुए हैं, लेकिन असली डर तो तब आता है जब वह पानी का गिलास फेंक देती है। जब बुराई आती है में ऐसे सीन्स दिल की धड़कन बढ़ा देते हैं। कमरे का माहौल इतना भारी है कि सांस लेना मुश्किल लगता है।
काले हुडी वाली लड़की का बिस्तर के नीचे छुपना और फोन निकालना सबसे सस्पेंस भरा पल था। उसने फोटो गैलरी में कुछ ऐसा देखा जिससे उसकी आँखें फैल गईं। शायद वह किसी भूतिया साये को रिकॉर्ड कर रही थी। जब बुराई आती है की कहानी में यह मोड़ बहुत ही चौंकाने वाला है। कंधे पर पंजा आते ही पता चलता है कि खतरा पास ही है।
नीले स्वेटर वाला शख्स और लाल बालों वाली महिला की चिंता साफ दिख रही थी। डॉक्टर के जाने के बाद भी उनका डर कम नहीं हुआ। जब बीमार लड़की गुस्से में चिल्लाती है तो लगता है जैसे घर में कोई और ही आ गया हो। जब बुराई आती है में परिवार के रिश्तों और खौफ का मिश्रण बहुत गहरा है। हर कोई बेबस नजर आ रहा है।
ब्लॉन्ड लड़की के चेहरे और गर्दन पर काली दरारें किसी श्राप जैसी लगती हैं। वह क्रॉस पहने हुए है लेकिन बुराई उस पर हावी हो रही है। जब वह गुस्से में दांत दिखाती है तो लगता है इंसानियत खत्म हो गई है। जब बुराई आती है का मेकअप और विजुअल इफेक्ट्स कमाल के हैं। यह दृश्य रातों की नींद उड़ा सकता है।
अंधेरे में फोन की स्क्रीन की रोशनी में वह लड़की जो देख रही थी, वह शायद मौत का मंजर था। गैलरी में धुंधली तस्वीरें और वीडियो किसी रहस्य को खोल रहे थे। जब बुराई आती है में टेक्नोलॉजी और अलौकिक शक्तियों का टकराव बहुत दिलचस्प है। उसकी सांसें तेज होना और पसीना आना डर को बयां करता है।
पुराने फूलों वाले वॉलपेपर और भारी लकड़ी के फर्नीचर वाले कमरे में सन्नाटा चीख रहा था। लैंप की रोशनी भी अंधेरे को नहीं हटा पा रही थी। जब वह लड़की बिस्तर से उठती है तो लगता है कमरा सांस ले रहा है। जब बुराई आती है का सेट डिजाइन कहानी को और भी डरावना बनाता है। हर कोने में कुछ छुपा है।
जब वह लड़की गुस्से में हाथ मारती है और गिलास हवा में टूट जाता है, तो लगता है किसी अदृश्य शक्ति ने वार किया है। पानी और कांच के टुकड़े बिखरना उसकी ताकत का सबूत है। जब बुराई आती है में ऐसे छोटे-छोटे विजुअल्स बड़े असर छोड़ते हैं। सबकी सांसें थम गई थीं उस पल।
आखिरी सीन में जब हड्डियों वाला पंजा उस लड़की के कंधे पर आता है, तो रूह कांप जाती है। वह पल बताता है कि खतरा अब उसके पीछे है। जब बुराई आती है का क्लाइमेक्स बहुत ही दमदार है। उसकी आँखों में डर और हैरानी साफ दिख रही थी। अब वह अकेली नहीं है।
डॉक्टर का बैग रखना और निराश होकर चले जाना बताता है कि यह बीमारी इलाज से परे है। उसकी आँखों में हार साफ दिख रही थी। जब बुराई आती है में विज्ञान और अंधविश्वास का संघर्ष बहुत गहराई से दिखाया गया है। जब दवा काम न करे तो क्या बचता है? सिर्फ डर।
काले हुडी वाली लड़की के चेहरे पर आंसू और खामोशी सबसे दर्दनाक थी। वह सब कुछ जानती है लेकिन बोल नहीं सकती। जब वह बिस्तर के नीचे छुपती है तो लगता है वह दुनिया से भाग रही है। जब बुराई आती है में भावनाओं का बोझ बहुत भारी है। उसकी चुप्पी सबसे बड़ी चीख है।
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