जब ईविल आता है में वो क्रैक वाली औरत डॉल को पकड़ती है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उसकी आँखों से काला खून टपकता है और चेहरे की दरारें जैसे जीवित हों। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर दिल धड़कने लगता है। डायरेक्टर ने हॉरर और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण बनाया है।
पादरी साहब के चेहरे पर डर और जिम्मेदारी दोनों साफ दिखते हैं। जब वो लड़की और पादरी सीढ़ियों से उतरते हैं, तो लगता है जैसे मौत उनके पीछे हो। नेटशॉर्ट ऐप पर जब ईविल आता है देखते वक्त ऐसा लगा जैसे मैं भी उस हवेली में फंस गया हूं।
वो गुड़िया जिसके मुंह से खून बह रहा है, उसकी मासूमियत और खौफनाकियत एक साथ दिखती है। जब ईविल आता है में वो क्रैक वाली औरत उसे गले लगाती है, तो लगता है जैसे बुराई ने मातृत्व का रूप ले लिया हो। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर नींद उड़ जाती है।
जब वो लड़का चीखता है और उसके गले से खून बहता है, तो लगता है जैसे दर्द स्क्रीन से बाहर आ गया हो। जब ईविल आता है में ऐसे सीन देखकर सांस रुक जाती है। नेटशॉर्ट ऐप पर हॉरर देखने का मजा ही कुछ और है, खासकर जब एक्टिंग इतनी रियल हो।
उस हवेली की सीढ़ियां जैसे पापों का बोझ ढो रही हों। जब पादरी और लड़की ऊपर से उतरते हैं, तो लगता है जैसे वे किसी श्रापित जगह से भाग रहे हों। जब ईविल आता है में ऐसे सेट डिजाइन देखकर हैरानी होती है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है जैसे मैं भी उस हवेली में हूं।
वो औरत जिसके चेहरे पर दरारें हैं, जब वो गुड़िया को गले लगाती है, तो लगता है जैसे बुराई ने भी मां का रूप ले लिया हो। जब ईविल आता है में ऐसे सीन देखकर दिल दहल जाता है। नेटशॉर्ट ऐप पर हॉरर देखने का मजा ही कुछ और है, खासकर जब एक्टिंग इतनी रियल हो।
पादरी साहब की आंखों में डर और जिम्मेदारी दोनों साफ दिखते हैं। जब वो लड़की के साथ सीढ़ियों से उतरते हैं, तो लगता है जैसे मौत उनके पीछे हो। जब ईविल आता है में ऐसे सीन देखकर दिल धड़कने लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर हॉरर देखने का मजा ही कुछ और है।
गुड़िया की आंखों से काला खून टपकता है और चेहरे की दरारें जैसे जीवित हों। जब ईविल आता है में वो क्रैक वाली औरत उसे पकड़ती है, तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर नींद उड़ जाती है। डायरेक्टर ने हॉरर और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण बनाया है।
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