जब पादरी और उसका साथी उस पुराने घर में घुसे तो लगा जैसे मौत ने दस्तक दी हो। सीढ़ियों से उतरते ही वो खून से सने दरवाजे को देखकर सहम गए। जब ईविल आता है का असली डर तब शुरू हुआ जब एक औरत बच्चे की गुड़िया और कुत्ते के साथ खून में लिपटी मिली। उसकी आँखों में पागलपन था, जैसे कोई शैतान उस पर सवार हो।
वो औरत इंसान नहीं लग रही थी, बल्कि किसी श्रापित पुतली जैसी थी। उसके चेहरे पर दरारें थीं, खून टपक रहा था, फिर भी वो मुस्कुरा रही थी। जब ईविल आता है में ये दृश्य सबसे ज्यादा डरावना था। पादरी ने नमक से जादू किया, पर वो औरत तो जैसे अमर हो। उसकी हंसी अब भी कानों में गूंज रही है।
पादरी और लड़की ने नमक से घेरा बनाया, रोशनी चमकी, बिजली कड़की... पर वो औरत तो बस हंसी। जब ईविल आता है में ये मोड़ बहुत तेज था। लगा जैसे बुराई को कोई रोक नहीं सकता। उसकी आँखें काली थीं, मुस्कान खौफनाक। क्या ये अंत है या बस शुरुआत?
सीढ़ियों पर गिरकर रोने वाली महिला की चीख दिल दहला देने वाली थी। उसकी आँखों में आंसू थे, चेहरे पर खौफ। जब ईविल आता है में ये पल बहुत भावनात्मक था। लगा जैसे वो सब कुछ देख चुकी हो, पर बचा नहीं पाई। उसकी मदद को आए दो पुरुष भी अब बेबस लग रहे थे।
कुत्ते का खून, गुड़िया के कपड़े पर लाल धब्बे, और वो औरत जो सब कुछ सहज भाव से कर रही थी। जब ईविल आता है का ये दृश्य बहुत ग्राफिक था। लगा जैसे कोई रिचुअल चल रहा हो। पादरी के हाथ में क्रॉस था, पर वो भी डरा हुआ लग रहा था। क्या धर्म बुराई को रोक पाएगा?
पादरी के चेहरे पर पसीना, आँखों में भय। वो जो हमेशा बुराई को भगाने वाला होता है, आज खुद डरा हुआ था। जब ईविल आता है में ये बदलाव बहुत अच्छा दिखाया गया। उसका क्रॉस भी बेअसर लग रहा था। क्या ये शैतान किसी और ही लेवल का है?
गुड़िया की आँखें खाली थीं, पर मुस्कान ऐसी जैसे वो सब जानती हो। जब ईविल आता है में ये गुड़िया सिर्फ एक खिलौना नहीं, बल्कि शैतान का वाहन लग रही थी। उस औरत के साथ वो बिल्कुल मिलती-जुलती थी। दोनों की हंसी एक जैसी, दोनों की आँखें खाली।
जब नमक से घेरा बना और रोशनी चमकी, तो लगा जैसे बुराई खत्म हो गई। पर फिर वो औरत हंसी। जब ईविल आता है में ये ट्विस्ट बहुत तेज था। रोशनी ने उसे छूआ तक नहीं। क्या ये जादू बेअसर था या वो औरत किसी और ही दुनिया से थी?
कुत्ता बेचारा कुछ नहीं कर सकता था। उसका खून फर्श पर फैला, और वो औरत उसे ऐसे छू रही थी जैसे कोई खिलौना हो। जब ईविल आता है में ये दृश्य बहुत दर्दनाक था। जानवरों के साथ ऐसा व्यवहार देखकर गुस्सा आता है। क्या ये बलिदान था या सिर्फ पागलपन?
आखिर में वो औरत और गुड़िया दोनों मुस्कुरा रहे थे, जैसे सब कुछ उनके हिसाब से हुआ। जब ईविल आता है का ये अंत बहुत खुला था। लगा जैसे बुराई जीत गई। पादरी और उसके साथी अब क्या करेंगे? क्या ये कहानी यहीं खत्म हुई या अगले भाग में और खौफ आएगा?
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