जब हीरो ने कहा कि गॉड ऑफ वॉर मोड में सिर्फ ३ मिनट बचे हैं, तो रोंगटे खड़े हो गए! (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में एक्शन का यह स्तर देखकर लगता है कि हीरो सच में अकेले ही पूरी सेना पर भारी पड़ रहा है। पसीने से लथपथ चेहरा और आँखों में वो जुनून बता रहा है कि अब बस बचाव ही नहीं, बदला भी लेना है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन देखने का मजा ही कुछ और है।
चारों लड़कियां बेहोश पड़ी हैं और हीरो उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन माहौल में कुछ गड़बड़ है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में यह सस्पेंस बना रहे कि आखिर गैस का असर कब हुआ और कौन था वो दुश्मन? हीरो का हर कदम सोच-समझकर उठाया गया लगता है, खासकर जब उसने उन्हें कवर किया। इमोशनल कनेक्शन और ड्रामा दोनों ही जबरदस्त हैं।
हीरो का वो डायलॉग 'कोई एज से नीचे नहीं जाएगा' सीधे दिल में उतर गया। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में प्रोटेक्शन का यह जज्बात देखकर लगता है कि हीरो सिर्फ एक्शन हीरो नहीं, एक जिम्मेदार इंसान भी है। बारिश में भीगता हुआ शिप का डेक और पीछे खतरा, यह सीन सिनेमेटोग्राफी का बेहतरीन उदाहरण है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे विजुअल्स देखना सुकून देता है।
दुश्मन सोच रहे थे कि गैस से हीरो भी गिर जाएगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि हीरो तो 'गॉड ऑफ वॉर' है! (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में विलेन की यह गलती उनकी हार का कारण बनी। हीरो का स्माइल देखकर लगता है कि उसने पहले से ही सब प्लान कर रखा था। ऐसे ट्विस्ट्स कहानी को और भी रोचक बनाते हैं।
ब्रिज पर कैप्टन से हाथापाई का सीन देखकर सांस रुक गई। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में हीरो ने न सिर्फ गन छीनी बल्कि कैप्टन को भी मात दे दी। क्लोज क्वार्टर कॉम्बैट में हीरो की माहिरियत साफ झलकती है। रडार स्क्रीन पर ९० सेकंड का टाइमर देखकर टेंशन और भी बढ़ गई। क्या हीरो समय पर शिप को कंट्रोल कर पाएगा?
जब स्क्रीन पर '९० सेकंड बाकी हैं' लिखा आया, तो दिल की धड़कन तेज हो गई। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में यह टाइमर सिर्फ एक गिनती नहीं, बल्कि मौत और जिंदगी के बीच की दूरी है। हीरो का फोकस और डिसीजन लेने की क्षमता इस वक्त सबसे अहम है। नेटशॉर्ट पर ऐसे क्लिफहैंगर एपिसोड्स का इंतजार हमेशा रहता है।
शिप के अंदर का अंधेरा, गीला फर्श और लोहे की दीवारें डर का माहौल बना रही हैं। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में सेट डिजाइन इतना रियलिस्टिक है कि लगता है हम भी वहीं मौजूद हैं। हीरो का हर कदम सावधानी से उठाया गया है, क्योंकि हर कोने में खतरा छिपा हो सकता है। ऐसे थ्रिलर सीन देखने के लिए नेटशॉर्ट बेस्ट प्लेटफॉर्म है।
हीरो की आंखों में जो जुनून और गुस्सा है, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में एक्टर ने बिना डायलॉग बोले ही अपनी फीलिंग्स ट्रांसफर कर दीं। पसीने से भीगा चेहरा और कटीली नजरें बता रही हैं कि अब वह पीछे नहीं हटेगा। ऐसे परफॉर्मेंस देखकर एक्टर की कायल हो जाना लाजिमी है।
हीरो का गन संभालना और दुश्मनों को एक-एक करके गिराना एक्शन फिल्मों जैसा लगता है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में फायरिंग सीन्स इतने इंटेंस हैं कि लगता है गोली हमारे पास से गुजर रही है। हीरो की स्पीड और एक्यूरेसी देखकर लगता है कि वह किसी सुपरहीरो से कम नहीं है। नेटशॉर्ट पर ऐसे एक्शन पैक्ड सीन देखना रोमांच से भर देता है।
हीरो का मिशन सिर्फ खुद को बचाना नहीं, बल्कि चारों लड़कियों को भी सुरक्षित निकालना है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में यह रेस्क्यू मिशन कहानी को नया मोड़ देता है। हीरो की टीम वर्क और लीडरशिप क्वालिटी इस वक्त सबसे ज्यादा टेस्ट हो रही है। क्या वह समय पर सबको बचा पाएगा? यह सवाल हर एपिसोड के बाद और भी बड़ा होता जा रहा है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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