ज्वालामुखी की पृष्ठभूमि में यह डेथमैच देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कोल और विरोधी के बीच की नफरत इतनी गहरी है कि लगता है यह सिर्फ एक लड़ाई नहीं, बल्कि अस्तित्व की जंग है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में ऐसे सीन देखकर एड्रेनालाईन रश महसूस हुआ। जब विरोधी ने बंदूक उठाई, तो लगा कि अब सब खत्म, पर कोल की आँखों में अभी भी जीतने की चमक बाकी है।
सिर्फ मर्द ही नहीं, इन हीरोइनों ने भी अपना लोहा मनवा दिया। खाकी टॉप वाली लड़की ने चाकू पकड़कर जो अंदाज दिखाया, वह कमाल का था। सफेद ड्रेस वाली ने भी पिराट को सबक सिखाया। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में महिला किरदारों की ताकत को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। जब वे दोनों भाग रही थीं, तो डर और हिम्मत का मिश्रण साफ दिख रहा था।
इन पाइरेट्स के चेहरे पर जो क्रूरता है, वह सच में डरावनी लगती है। मुख्य विलेन के चेहरे के निशान बताते हैं कि उसने कितनी लड़ाइयां झेली हैं। जब उसने कहा कि हारने वाला बॉडी बैग में जाएगा, तो माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में विलेन का किरदार बहुत दमदार बनाया गया है। उसकी आवाज में जो धमकी थी, वह रूह कंपा देने वाली थी।
पृष्ठभूमि में बहता हुआ लावा और अंधेरा आसमान, यह सेटिंग ही कहानी का एक किरदार बन गई है। जब कोल और वह लड़की लावा के किनारे खड़े थे, तो लगा कि मौत सामने खड़ी है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो के विजुअल्स इतने शानदार हैं कि आप सांस रोके देखते रह जाते हैं। आग की रोशनी में चेहरों के भाव और भी स्पष्ट दिख रहे थे, जो इमोशन को गहरा बना रहा था।
जब उस लड़के ने अपनी ही टीम की लड़की को चाकू की नोक पर पकड़ लिया, तो झटका लगा। यह धोखा किसी ने उम्मीद नहीं किया था। कोल का चेहरा देखकर लगा कि वह टूट गया है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में ऐसे ट्विस्ट्स कहानी को और भी दिलचस्प बना देते हैं। जब उसने कहा कि गला काट दूंगा, तो सबकी सांसें रुक गईं। यह विश्वासघात सबसे बड़ा हथियार बन गया।
कोल और विलेन के बीच की फाइट सीन बहुत ही रॉ और रियलिस्टिक थी। कोई सीजीआई का खेल नहीं, बस कच्चा दर्द और गुस्सा। जब विलेन गिरा और फिर बंदूक उठाई, तो लगा कि अब खेल बदलने वाला है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में एक्शन सीन्स की कोरियोग्राफी बहुत जबरदस्त है। हर मुक्के में वह ताकत महसूस हुई जो स्क्रीन के बाहर तक आ रही थी।
विलेन का यह डायलॉग कि अब कोई नियम नहीं, कोई रहम नहीं, ने पूरे माहौल को बदल दिया। अब यह सिर्फ जीने या मरने का सवाल है। पाइरेट्स के चेहरे पर भी यह डर साफ दिख रहा था कि अब कुछ भी हो सकता है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में जब स्टैक्स इतने हाई हो जाएं, तो दर्शक भी बेचैन हो जाता है। मौत की लड़ाई का यह एलान सबसे खतरनाक मोड़ था।
कोल के चेहरे पर जब वह लड़की चाकू की नोक पर थी, तो जो बेचैनी और गुस्सा था, वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उसकी आँखों में साफ दिख रहा था कि वह कुछ भी कर सकता है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में एक्टर ने इस किरदार के इमोशन्स को बहुत बारीकी से निभाया है। जब वह चिल्लाया कि पीछे हटो, तो उसकी आवाज में वह दर्द था जो हर किसी को छू गया।
तलवारें, चाकू, और पुरानी बंदूकें, इन हथियारों ने इस लड़ाई को और भी खूनी बना दिया। जब विलेन ने जमीन से बंदूक उठाई, तो लगा कि अब कोल के पास कोई चांस नहीं बचा। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो में प्रॉप्स का इस्तेमाल बहुत स्मार्ट तरीके से किया गया है। हर हथियार कहानी में एक नया मोड़ लाता है। उस बंदूक की चमक ने खतरे का इशारा कर दिया था।
जब विलेन ने बंदूक तानी और कोल को निशाने पर लिया, तो समय थम सा गया। उसने कहा कि मौका था तो वहीं पड़े रहना चाहिए था, यह डायलॉग सीधा दिल पर वार करता है। (डब्ड) चार हीरोइन्स कॉन्कर करके उठो का क्लाइमेक्स इतना तनावपूर्ण है कि आप पलकें भी नहीं झपका पाते। गोली चलने से पहले का वह सन्नाटा सबसे ज्यादा डरावना था। अब सबकी किस्मत उस एक ट्रिगर पर टिकी है।
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