सफेद पोशाक पहने युवक की वह मुस्कान देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह इतनी शांति से बैठा है जैसे कुछ हुआ ही न हो, जबकि सामने तलवारें तनी हैं। बदला जो रूका नहीं में ऐसा किरदार जो खतरे को महसूस ही नहीं करता, वह या तो पागल है या सबसे खतरनाक। उसकी आँखों में डर नहीं, बल्कि एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि वह सब कुछ पहले से जानता है।
लाल और सुनहरी साड़ी पहनी रानी का गुस्सा आग की तरह फैल रहा है। उसकी उंगली का इशारा और चेहरे का भाव बता रहा है कि वह किसी को माफ नहीं करने वाली। बदला जो रूका नहीं में जब एक महिला इस तरह गुस्से में हो, तो समझ जाओ कि अब खून खराबा होने वाला है। उसकी आँखों में आंसू नहीं, बल्कि बदले की आग जल रही है जो सब कुछ जला देगी।
काले और चमकदार वस्त्र पहने इस व्यक्ति के चेहरे पर एक अजीब सी गंभीरता है। वह तलवार पकड़े खड़ा है लेकिन हमला नहीं कर रहा। बदला जो रूका नहीं में ऐसे किरदार अक्सर सबसे खतरनाक होते हैं क्योंकि वे शांत रहकर भी सब कुछ नियंत्रित करते हैं। उसकी आँखों में एक ऐसा दर्द है जो बताता है कि वह किसी बड़े धोखे का शिकार हुआ है।
इस कमरे में हवा इतनी भारी है कि सांस लेना मुश्किल हो रहा है। सभी एक दूसरे को घूर रहे हैं, कोई कुछ बोल नहीं रहा। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य सबसे ज्यादा डरावने होते हैं क्योंकि पता नहीं कब विस्फोट हो जाए। मोमबत्तियों की रोशनी में चेहरों पर छाया हुआ अंधेरा और तनावपूर्ण माहौल देखकर लगता है कि अब कुछ बड़ा होने वाला है।
सफेद पोशाक वाला युवक अचानक खड़ा हुआ और सबकी तरफ इशारा करने लगा। उसकी आवाज में एक अजीब सा आत्मविश्वास है जो बताता है कि वह हारने वाला नहीं है। बदला जो रूका नहीं में जब कोई व्यक्ति इतने लोगों के बीच अकेला खड़ा होकर चुनौती दे, तो समझ जाओ कि उसके पास कोई बड़ा राज है। उसकी हर हरकत नाटकीय है लेकिन प्रभावशाली।
रानी ने अचानक तलवार उठा ली और सबके सामने लहराने लगी। उसकी आँखों में एक ऐसा जुनून है जो बताता है कि वह किसी की भी परवाह नहीं करती। बदला जो रूका नहीं में जब एक महिला हथियार उठाती है, तो वह सबसे खतरनाक हो जाती है। उसकी हरकतें बता रही हैं कि वह अब किसी से नहीं डरती और अपने बदले की आग में सब कुछ जला देगी।
काले वस्त्रों वाले बूढ़े व्यक्ति की आँखों में एक गहरा चिंतन है। वह सब कुछ देख रहा है लेकिन कुछ बोल नहीं रहा। बदला जो रूका नहीं में ऐसे किरदार अक्सर सबसे ज्यादा जानते हैं लेकिन चुप रहते हैं। उसके चेहरे पर झुर्रियां बता रही हैं कि उसने जीवन में बहुत कुछ देखा है और अब वह एक बड़े फैसले के कगार पर खड़ा है।
सुनहरे वस्त्र पहने युवा योद्धा का चेहरा गुस्से से लाल हो गया है। वह बार-बार इशारे कर रहा है और कुछ कहने की कोशिश कर रहा है। बदला जो रूका नहीं में जब एक योद्धा इस तरह गुस्से में हो, तो समझ जाओ कि युद्ध शुरू होने वाला है। उसकी हरकतें बता रही हैं कि वह अब और इंतजार नहीं कर सकता और हमला करने वाला है।
इस कमरे में मोमबत्तियों की रोशनी इतनी खूबसूरत है लेकिन माहौल इतना डरावना है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य सबसे ज्यादा प्रभावशाली होते हैं क्योंकि रोशनी और अंधेरे का खेल चेहरों के भावों को और भी गहरा बना देता है। हर व्यक्ति की आँखों में एक अलग कहानी है और हर चेहरे पर एक अलग दर्द छिपा है।
सब कुछ शांत है लेकिन यह शांति तूफान से पहले की शांति है। बदला जो रूका नहीं में जब सभी किरदार एक जगह इकट्ठे हो जाएं और कोई कुछ न बोले, तो समझ जाओ कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। हर व्यक्ति की सांसें रुकी हुई हैं और हर कोई इंतजार कर रहा है कि पहला वार कौन करेगा। यह अंत की शुरुआत है।