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Badla Jo Rooka Nahi

Surya Sharma ko jab pata chala ki Lata Verma ne uski maa Yogita ko maara, toh usne pandrah saal bigda hua beta banke apni jaan bachayi. Raja Yashwant Singh ne Yamini Singh ka Yuddh Vivaah rakha. Teen deshon ne Mahaagni ki izzat thukrayi. Sabne Surya ka mazaak udaya, lekin usne teen rajkumaron ko hara kar Yuddh Vivaah jeet liya. Lata Verma aur Sumit Sharma rooth gaye. Surya ne Raja se dosti ki aur Lokesh Verma se khud apni saazish khulwayi. Ant mein, Surya apni maa ka badla liya aur insaaf paaya.
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इस एपिसोड की समीक्षा

सफेद पोशाक वाले की चालाकी

सफेद पोशाक पहने युवक की मासूमियत के पीछे छिपी चालाकी देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह बूढ़े आदमी को इतने प्यार से शराब पिला रहा है जैसे कोई अपने पिता को पिला रहा हो, लेकिन उसकी आँखों में एक अलग ही चमक है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे दोस्ती के नाम पर जहर घोल दिया जाता है। वह हर बार शराब डालते समय मुस्कुराता है, जैसे कोई बड़ा खेल खेल रहा हो।

बूढ़े आदमी की बेचारी हालत

बूढ़े आदमी का चेहरा देखकर दिल पसीज जाता है। वह समझ नहीं पा रहा कि उसके साथ क्या हो रहा है। सफेद पोशाक वाला उसे बार-बार शराब पिला रहा है और वह हंसते-हंसते पी रहा है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे बुजुर्गों को बेवकूफ बनाया जाता है। उसकी आँखों में शक की कोई किरण नहीं है, बस एक मासूम सी मुस्कान है जो दर्शकों को रुला देती है।

काले कपड़े वाले की चुप्पी

काले कपड़े पहने युवक की चुप्पी सबसे ज्यादा डरावनी लगती है। वह सब कुछ देख रहा है लेकिन कुछ नहीं बोल रहा। बदला जो रूका नहीं में ऐसे किरदार दिखाते हैं जो चुपचाप सब कुछ जानते हैं लेकिन बोलते नहीं। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि वह कुछ बड़ा सोच रहा है। जब वह अचानक बूढ़े आदमी के पीछे आकर खड़ा होता है, तो लगता है जैसे कोई भूत आ गया हो।

शराब के प्याले का रहस्य

शराब के प्याले में क्या है यह तो पता नहीं, लेकिन उस प्याले को देखकर ही डर लगता है। सफेद पोशाक वाला हर बार नया प्याला भरता है और बूढ़े आदमी को पिलाता है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे छोटी छोटी चीजें बड़े खेल का हिस्सा बन जाती हैं। प्याले की सफेदी और शराब की रंगत एक अजीब सा विरोधाभास बनाती है जो दर्शकों को हैरान कर देती है।

महिलाओं का अचानक आगमन

जब महिलाएं अचानक आती हैं तो माहौल बदल जाता है। उनकी पोशाकें और हाव भाव बताते हैं कि वे कोई साधारण महिलाएं नहीं हैं। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे महिलाएं खेल का हिस्सा बन जाती हैं। उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि वे कुछ बड़ा सोच रही हैं। जब वे बूढ़े आदमी के पास आती हैं, तो लगता है जैसे कोई नया खेल शुरू हो गया हो।

लाल कार्पेट का डरावना सफर

लाल कार्पेट पर चलने वाले लोगों की चाल देखकर डर लगता है। वे सब एक साथ चल रहे हैं लेकिन उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे एक साथ चलना भी डरावना हो सकता है। जब वे बूढ़े आदमी के पास आते हैं, तो लगता है जैसे कोई अंतिम संस्कार हो रहा हो। लाल कार्पेट की रंगत और उनकी काली पोशाकें एक अजीब सा विरोधाभास बनाती हैं।

सफेद पोशाक वाले की मुस्कान

सफेद पोशाक वाले की मुस्कान सबसे ज्यादा डरावनी लगती है। वह हर बार शराब डालते समय मुस्कुराता है जैसे कोई बड़ा खेल खेल रहा हो। बदला जो रूका नहीं में ऐसे किरदार दिखाते हैं जो मुस्कुराते हुए जहर घोल देते हैं। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि वह कुछ बड़ा सोच रहा है। जब वह बूढ़े आदमी को गले लगाता है, तो लगता है जैसे कोई शैतान आ गया हो।

बूढ़े आदमी की आँखों का दर्द

बूढ़े आदमी की आँखों में एक अजीब सा दर्द है जो दर्शकों को रुला देता है। वह समझ नहीं पा रहा कि उसके साथ क्या हो रहा है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे बुजुर्गों की आँखों में छिपा दर्द दिखाया जाता है। जब वह शराब पीता है तो उसकी आँखें बंद हो जाती हैं, जैसे वह सब कुछ भूल जाना चाहता हो। उसकी आँखों की लाली और चेहरे की झुर्रियां एक अजीब सा विरोधाभास बनाती हैं।

काले कपड़े वाले की आँखों की चमक

काले कपड़े वाले की आँखों में एक अजीब सी चमक है जो बताती है कि वह कुछ बड़ा सोच रहा है। वह सब कुछ देख रहा है लेकिन कुछ नहीं बोल रहा। बदला जो रूका नहीं में ऐसे किरदार दिखाते हैं जो चुपचाप सब कुछ जानते हैं लेकिन बोलते नहीं। जब वह अचानक बूढ़े आदमी के पीछे आकर खड़ा होता है, तो लगता है जैसे कोई भूत आ गया हो। उसकी आँखों की चमक और चेहरे की गंभीरता एक अजीब सा विरोधाभास बनाती हैं।

शराब के प्याले की सफेदी

शराब के प्याले की सफेदी और शराब की रंगत एक अजीब सा विरोधाभास बनाती है जो दर्शकों को हैरान कर देती है। सफेद पोशाक वाला हर बार नया प्याला भरता है और बूढ़े आदमी को पिलाता है। बदला जो रूका नहीं में ऐसे दृश्य दिखाते हैं कि कैसे छोटी छोटी चीजें बड़े खेल का हिस्सा बन जाती हैं। प्याले की सफेदी और शराब की रंगत एक अजीब सा विरोधाभास बनाती है जो दर्शकों को हैरान कर देती है। जब प्याला खाली होता है तो लगता है जैसे कोई जीवन खत्म हो गया हो।