PreviousLater
Close

(डबिंग) बदले की आग में पका खानावां30एपिसोड

like2.1Kchase3.9K

(डबिंग) बदले की आग में पका खाना

शेफ लक्ष्य खन्ना, जो कभी "कुकिंग के बादशाह" थे, अपनी पत्नी की कार दुर्घटना में मृत्यु के बाद टूट गए। अवसाद से वे बेघर हो गए और कुत्ते 'शेरू' के अलावा सब कुछ खो दिए। किचन में काम करते समय एक सु-शेफ ने उन्हें प्रताड़ित किया, एक दुष्ट व्यवसायी ने उन्हें वापसी के लिए मजबूर किया। विश्वासघात और शेरू की हत्या के बाद लक्ष्य ने बदला लेने के लिए अपना चाकू उठा लिया।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

जज की प्रतिक्रिया ने सब कुछ बदल दिया

वह बुजुर्ग जज जिसने शुरू में सब कुछ बेकार कहकर खारिज कर दिया था, अंत में उसी डिश को सूंघकर और चखकर भावुक हो गया। उसने प्लेट को ऐसे सूंघा जैसे कोई परफ्यूम हो। 'यह खुशबू... यह ड्रेसिंग...' कहते हुए उसकी आंखों में आंसू आ गए। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना का यह क्लाइमेक्स बहुत इमोशनल था। एक साधारण सी सलाद ने कैसे एक कठोर जज का दिल जीत लिया, यह देखना लाजवाब था।

डेविल्स हार्ट एस्पी की नकल या नया आविष्कार?

जब जज ने पूछा कि क्या वह किंग के 'व्हाइट वुल्फ हार्ट एस्पी' को दोबारा बनाने की कोशिश कर रहा है, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। यह रेसिपी लेजेंडरी मानी जाती है। सफेद पोशाक वाले शेफ का शांत रहना और धीरे से काम करना बता रहा था कि उसे अपनी कला पर भरोसा है। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में यह सस्पेंस बना रहा कि क्या वह उस मास्टरपीस को बेहतर बना पाएगा या फिर देव सिंह का काला पास्ता बाजी मार ले जाएगा।

किचन में तनाव और टिप्पणियां

पीछे खड़े अन्य शेफ्स और स्टाफ के चेहरे के भाव देखने लायक थे। कोई चिंतित था, तो कोई हैरान। एक शेफ ने तो मुंह पर हाथ रख लिया था। जब देव सिंह ने कहा 'तुम सोचते हो कि सब्जियों से मुझे हरा दोगे?', तो घमंड साफ झलक रहा था। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ये डायलॉग्स और रिएक्शन्स शो को और भी ड्रामेटिक बनाते हैं। हर किसी को अपनी जीत का यकीन था।

ठंडा पास्ता बनाम गर्म जज्बात

एक जज ने जब 'कोल्ड पास्ता?' पूछा, तो देव सिंह का जवाब और उनका काम जारी रखना बताता है कि वे जानते हैं क्या कर रहे हैं। ठंडा पास्ता बनाना जोखिम भरा है, लेकिन देव सिंह के लिए यह एक चैलेंज था। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना में ऐसे रिस्की डिशेज ही गेम चेंजर साबित होती हैं। उनका आत्मविश्वास और तकनीक देखकर लग रहा था कि वे किसी भी कीमत पर जीतना चाहते हैं, चाहे डिश कितनी भी अनोखी क्यों न हो।

सलाद कार्ट से मिली जीत की खुशबू

वह सीन जब जज सलाद कार्ट के पास जाता है और नीचे रखी प्लेट उठाता है, बहुत ही सिनेमैटिक था। उसे लगा कि यह किसी लाइन कुक का बचा हुआ सलाद है, लेकिन जब उसने उसे चखा, तो उसकी दुनिया ही बदल गई। (डबिंग) बदले की आग में पका खाना का यह ट्विस्ट सबसे बेहतरीन था। साधारण से दिखने वाले सलाद में छिपा था एक तूफान। जज का 'ओह, शानदार!' कहना उस शेफ की मेहनत का सबसे बड़ा इनाम था।

और भी शानदार समीक्षाएँ (5)
arrow down