युवक मंदिर में घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना कर रहा था। उसके चेहरे पर दर्द और पछतावा साफ दिख रहा था। वह अपनी माला को देख रहा था जैसे वह उसे कोई संदेश दे रही हो। यह दृश्य बहुत भावनात्मक था और मुझे लगा कि वह किसी बहुत बड़ी गलती को सुधारने की कोशिश कर रहा है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण लगता है।
लाल पोशाक वाली महिला की आंखों में एक अजीब सी चमक थी। वह बैठक में सबसे अलग लग रही थी। जब वह खड़ी हुई तो सबकी नजरें उस पर थीं। उसकी बातचीत से लग रहा था कि वह कुछ छुपा रही है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना में उसका किरदार बहुत रहस्यमयी लगता है और मैं जानना चाहती हूं कि वह वास्तव में कौन है।
युवक जब मंदिर में प्रार्थना कर रहा था, तो उसके चेहरे पर जो पीड़ा थी वह शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। वह बार-बार जमीन पर सिर टेक रहा था जैसे वह किसी से माफी मांग रहा हो। उसकी माला को देखने का तरीका बता रहा था कि वह किसी खास व्यक्ति को याद कर रहा है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना की कहानी में यह दृश्य सबसे दिल को छू लेने वाला था।
जब सभी लोग बैठक से चले गए, तो केवल लाल पोशाक वाली महिला और युवक अकेले रह गए। उनके बीच की चुप्पी बहुत भारी लग रही थी। युवक की आंखों में उलझन थी और महिला के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना में यह दृश्य बहुत तनावपूर्ण था और मैं सोच रही हूं कि आगे क्या होगा।
युवक की माला सिर्फ एक साधारण वस्तु नहीं लग रही थी। जब वह उसे देख रहा था, तो ऐसा लग रहा था जैसे वह उसे कोई संदेश दे रही हो। शायद यह माला उसके लिए किसी खास व्यक्ति की यादगार है। मुझे मत छुओ। अब नहीं लौटना में इस माला का बहुत महत्व होगा और यह कहानी के आगे के मोड़ में अहम भूमिका निभाएगी।