जब वह ऑफिस से घर लौटा तो सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन बेडरूम का दरवाजा खोलते ही उसकी रूह कांप गई। पत्नी गले को पकड़े हुए तड़प रही थी, जैसे कोई अदृश्य शक्ति उसे दबा रहा हो। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना वाले पल में उसकी आंखों में सिर्फ डर था। पति का चेहरा सफेद पड़ गया, वह समझ नहीं पा रहा था कि यह क्या हो रहा है। क्या यह कोई साजिश है या सच में कोई अलौकिक शक्ति? हर फ्रेम में तनाव बढ़ता गया।
उस पल जब उसने अपनी पत्नी को उस हालत में देखा, उसकी दुनिया थम सी गई। वह भागकर उसके पास पहुंचा, लेकिन पत्नी उसे धक्का दे रही थी, जैसे वह उसे पहचानती ही न हो। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना की चीखें कमरे में गूंज रही थीं। उसकी आंखों में बेबसी और दर्द साफ दिख रहा था। वह बार-बार पूछ रहा था कि क्या हुआ, लेकिन जवाब में सिर्फ सन्नाटा मिला। यह दृश्य देखकर दिल दहल गया।
बेडरूम का हर कोना उस दिन अजीब लग रहा था। चमकदार झूमर के नीचे पत्नी बिस्तर पर बैठी कांप रही थी, जबकि पति उसके सामने घुटनों पर बैठकर उसे समझाने की कोशिश कर रहा था। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना का डायलॉग सुनकर लगता है जैसे कोई पुराना श्राप जाग उठा हो। दीवारों की सजावट भी उस दिन डरावनी लग रही थी। माहौल इतना तनावपूर्ण था कि सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था।
जब पति ने पत्नी को पानी का गिलास दिया, तो उसका हाथ कांप रहा था। पत्नी ने गिलास तो ले लिया, लेकिन उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना कहते हुए उसने मुंह फेर लिया। पति ने रुमाल से उसके माथे का पसीना पोंछा, लेकिन वह फिर भी शांत नहीं हुई। यह छोटा सा दृश्य उनके रिश्ते की गहराई और उस पल की बेबसी को बयां कर गया। दिल को छू लेने वाला पल था।
सुबह तक सब कुछ ठीक था, लेकिन दोपहर होते-होते पत्नी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। पति जब ऑफिस से लौटा तो उसे लगा कि शायद वह थक गई है, लेकिन हालत देखकर उसकी समझ में कुछ नहीं आया। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना कहकर वह बार-बार पीछे हट रही थी। क्या किसी ने उसे कुछ खिला दिया? या फिर कोई पुरानी चोट फिर से जाग उठी? हर सवाल का जवाब अगले एपिसोड में मिलने की उम्मीद है।