लिन ने जब वह कागज पढ़ा तो उसका चेहरा बदल गया। क्या वह समझौते की शर्तों से सहमत नहीं है? या फिर उसे किसी और बात की चिंता है? शेंग जिंगचेंग का गुस्सा और लिन की शांति के बीच का टकराव देखने लायक है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे मोड़ आते रहते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
शेंग जिंगचेंग का गुस्सा देखकर लगता है कि वह किसी बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। ऑफिस में उनकी आवाज और हावभाव से स्पष्ट है कि वह नियंत्रण खो रहे हैं। लिन के साथ उनकी बातचीत में तनाव साफ झलकता है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना की यह सीन वास्तव में दिल दहला देने वाली है।
ऑफिस का माहौल अचानक बदल गया जब शेयर समझौते की बात हुई। शेंग जिंगचेंग और लिन के बीच की बातचीत में तनाव साफ दिख रहा है। लिन की चुप्पी और शेंग जिंगचेंग का गुस्सा देखकर लगता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे मोड़ आते रहते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
लिन ने जब वह कागज पढ़ा तो उसका चेहरा बदल गया। क्या वह समझौते की शर्तों से सहमत नहीं है? या फिर उसे किसी और बात की चिंता है? शेंग जिंगचेंग का गुस्सा और लिन की शांति के बीच का टकराव देखने लायक है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना में ऐसे मोड़ आते रहते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं।
शेयर समझौते ने ऑफिस के माहौल को पूरी तरह बदल दिया। शेंग जिंगचेंग की प्रतिक्रिया देखकर लगता है कि वह इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार नहीं हैं। लिन का चेहरा पढ़ना मुश्किल है, लेकिन उसकी आंखों में चिंता साफ दिख रही है। मुझे मत छुओ! अब नहीं लौटना ड्रामा की यह सीन वास्तव में दिलचस्प है।