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प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हनवां49एपिसोड

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प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन

पूर्व जन्म में, रिया शर्मा और उसकी सहेली रोशनी वर्मा की विवाह के दिन ससुराल वालों और विक्रम सिंघानिया के षड्यंत्र में मृत्यु हो जाती है। पुनर्जन्म पाकर रिया अपनी शादी से पहले रोशनी को सुरक्षित भेज देती है और मामा राकेश शर्मा को बुलाती है। रिया की ननद जाह्नवी गलती से कमरे में जाती है, जहाँ विक्रम उसे रोशनी समझकर दुर्व्यवहार करता है। पति चिराग और सास कमला जाह्नवी को रोशनी समझकर रिया को प्रताड़ित करते हैं। मामा के आने पर सच खुलता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

जेल के पार का दर्द

जेल की सलाखों के पीछे छिपा दर्द देखकर रूह कांप गई। चेन याओ ने जब वह कागज दिखाया तो कैदी की आंखों में सन्नटा छा गया। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की यह कहानी सिर्फ बदले की नहीं, टूटे हुए वादों की भी है। फोन के उस पार की खामोशी चीख रही थी। काश वे दोनों फिर से मिल पाते और सब ठीक हो जाता। यह दृश्य देखकर आंखें नम हो गईं। हर कोई इस दर्द को महसूस कर सकता है। सच्चाई कभी कभी बहुत कड़वी होती है।

शीशे की दीवार

शीशे की दीवार ने दो दिलों को बांट दिया है। उसकी आंखों में आंसू और उसके होठों पर सच्चाई थी। जेल के उस कमरे में सन्नाटा इतना भारी था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं। वह चिल्ला रहा था पर आवाज नहीं निकली। बहुत दर्दनाक था। कोई उम्मीद नहीं बची थी। सब कुछ खत्म हो गया था। उसकी बेबसी साफ दिख रही थी।

चेन याओ का फैसला

चेन याओ का फैसला कितना कठिन रहा होगा, यह सोचकर ही गम हो रहा है। उसने कागज थमाया और चुपचाप खड़ी हो गई। कैदी की बेबसी साफ झलक रही थी। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी में यह मोड़ बहुत ही दर्दनाक है। प्यार और मजबूरी का खेल देखकर रोना आ गया। कोई उपाय नहीं था। वह कुछ बोल नहीं पाई। सब हैरान रह गए। दिल टूट गया।

टूटे हुए दिल

जेल की मुलाकात वाली खिड़की ने सब कुछ कह दिया। फोन की तारें जुड़ी थीं पर दिल टूट रहे थे। उसने जब शीशे पर हाथ मारा तो लगा जैसे दिल टूट गया हो। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन का यह एपिसोड बहुत इमोशनल है। चेन याओ की आंखों में दर्द साफ दिख रहा था। सब हैरान थे। वह रो रहा था। कोई सहारा नहीं था। बहुत बुरा लगा। सब चुप हो गए।

नाजुक पल

कहानी का यह पल बहुत ही नाजुक है। एक तरफ जेल की सख्त दीवारें, दूसरी तरफ टूटा हुआ रिश्ता। कैदी की हालत देखकर बुरा लगा। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ऐसे सीन बार-बार देखे जा सकते हैं। चेन याओ ने सच सामने रख दिया था। सब हैरान रह गए। कोई शब्द नहीं था। वह चुपचाप खड़ी थी। सब कुछ खत्म हो गया। कोई रास्ता नहीं बचा।

सच्चाई का झटका

अबॉर्शन की रिपोर्ट देखकर उसकी हालत खराब हो गई। वह समझ नहीं पा रहा था कि ऐसा क्यों हुआ। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की पटकथा में यह सबसे बड़ा झटका था। चेन याओ की चुप्पी सब कुछ बता रही थी। जेल के अंदर का शोर बाहर नहीं आया। बहुत गम था। वह टूट गया था। कोई उम्मीद नहीं थी। सब रो पड़े। दिल दहल गया।

विदाई का पल

मुलाकात का वक्त खत्म हो रहा था पर बातें अधूरी थीं। उसने शीशे को थपथपाया जैसे विदाई ले रहा हो। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में भावनाओं का ऐसा बहाव देखने को मिलता है। चेन याओ का जाना तय था पर वह रुकना चाहता था। बहुत दर्दनाक दृश्य था। दिल दुखी हो गया। कोई रास्ता नहीं था। सब कुछ खत्म हो गया। वह अकेला रह गया।

नीली वर्दी का दर्द

नीली वर्दी में वह कैदी नहीं, एक टूटा हुआ इंसान लग रहा था। चेन याओ के सामने उसकी बेबसी साफ झलक रही थी। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की यह कहानी दिल को झकझोर देती है। फोन रखने के बाद का सन्नाटा सबसे भारी था। कोई शब्द नहीं बचा था। सब रो पड़े। वह चिल्ला रहा था। कोई सुनने वाला नहीं था। बहुत बुरा लगा।

सच का सामना

सच्चाई का सामना करना कितना मुश्किल होता है, यह दृश्य बता रहा है। उसने कागज बढ़ाया और पीछे मुड़कर नहीं देखा। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ऐसे मोड़ कहानी को नया रंग देते हैं। जेल की दीवारें गवाह बनी रहीं। चेन याओ मजबूर थी। कोई रास्ता नहीं था। वह चुपचाप चली गई। सब हैरान थे। दिल टूट गया।

अधूरी कहानी

अंत में वह चीखता रहा पर कोई सुनने वाला नहीं था। शीशे के उस पार की दुनिया बहुत दूर लग रही थी। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन का यह क्लाइमेक्स बहुत भारी था। चेन याओ की आंखों में आंसू थे पर इरादा पक्का था। दिल टूट गया देखकर। बहुत बुरा लगा। कोई उम्मीद नहीं थी। सब कुछ खत्म हो गया। वह अकेला रह गया।