दुल्हन के चेहरे पर चोटें देखकर दिल दहल गया। शादी के दिन ऐसा क्यों हुआ? माँ की चिंता साफ़ दिख रही है। दूल्हा हैरान खड़ा है। यह कहानी बहुत गहरी लग रही है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ऐसे मोड़ उम्मीद नहीं थे। कौन है असली दोषी? सबके चेहरे पर सवाल हैं। देखने वाला भी हैरान रह जाता है। बहुत ही तीव्र दृश्य है।
लाल जोड़े वाली महिला का गुस्सा देखने लायक है। उसने बिस्तर पर लेटी लड़की को देखा और चौंक गई। शायद उसे कोई राज़ पता चल गया। दुल्हन खड़ी होकर सब देख रही है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी में यह पल सबसे अहम है। क्या यह साजिश थी? हर किरदार का रोल महत्वपूर्ण लग रहा है। आगे क्या होगा जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
हरे कोट वाला व्यक्ति क्यों खून से सना है? क्या उसने किसी को बचाया या मारा? दुल्हन की आँखों में आँसू हैं। शादी की रस्में बीच में ही रुक गईं। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में जज़्बातों का खेल है। चारों तरफ तनाव का माहौल है। दीवारों पर लाल सजावट और बीच में खून का निशान। यह विरोधाभास बहुत गहरा असर छोड़ता है।
दुल्हन के माथे पर चोट का निशान साफ़ दिख रहा है। फिर भी वह खड़ी है। उसकी हिम्मत कायल कर देती है। दूल्हा चश्मे में कुछ बोलने की कोशिश कर रहा है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में प्यार और नफरत की लकीरें मिल रही हैं। माँ की आवाज़ में दर्द है। सब कुछ एक पल में बदल गया। ऐसे नाटक देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
कमरे में सन्नाटा छा गया है। सब एक दूसरे को देख रहे हैं। बिस्तर पर लेटी लड़की की हालत खराब है। माँ उसका हाथ पकड़कर रो रही है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी बहुत दर्दनाक है। मलाई रंग की पोशाक वाली लड़की भी हैरान है। यह कौन है? क्या यह दूसरी दुल्हन है? पहेलियां सुलझती नहीं दिख रही हैं।
शादी के कमरे में खून के निशान क्यों हैं? यह किसकी गलती है? दूल्हा चुप खड़ा है जैसे उसे कुछ पता न हो। दुल्हन की आँखों में सवाल हैं। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में सच्चाई सामने आने वाली है। हर दृश्य में एक नया राज़ खुलता है। अभिनय बहुत नेचुरल लग रहा है। दर्शक को बांधे रखने की ताकत है इसमें।
माँ का गुस्सा अब चिंता में बदल गया है। उसने लड़की के कंधे पर कुछ देखा। शायद कोई निशान। इससे सबकी नींद उड़ गई। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में छोटी चीज़ें बड़ा असर डालती हैं। हरे कोट वाला शख्स पीछे खड़ा सब देख रहा है। क्या वह मदद करेगा या रुकावट बनेगा? कहानी बहुत पेचीदा होती जा रही है।
दुल्हन की सजावट अभी भी वैसी ही है पर चेहरे पर खून है। यह नज़ारा बहुत दुखद है। दूल्हा कुछ समझ नहीं पा रहा है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में जज़्बातों की बाढ़ आ गई है। माँ उंगली उठाकर किसी को कोस रही है। कमरे में खड़े गुंडे जैसे लोग भी हैं। यह शादी नहीं लग रही बल्कि कोई जंग लग रही है।
बिस्तर पर लेटी लड़की की आँखें बंद हैं। क्या वह सो रही है या बेहोश? माँ उसे हिला रही है। सबकी सांसें थमी हुई हैं। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में मौत का साया भी लग रहा है। दुल्हन खड़ी होकर सब देख रही है। उसके मन में क्या चल रहा होगा? यह सवाल हर दर्शक के मन में है। कहानी आगे बढ़ने वाली है।
लाल और सफेद रंग का मेल बहुत खूबसूरत है पर कहानी कड़वी है। सबके चेहरे पर हैरानी है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की शुरुआत ही धमाकेदार है। दूल्हे की आँखों में डर है। माँ की आँखों में आंसू हैं। यह परिवार टूटने वाला है या जुड़ेगा? देखने का मज़ा आ रहा है। बहुत रोचक लग रहा है।