इस दृश्य में दुल्हन के माथे पर खून देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कैसे एक खुशी का मौका ऐसे मोड़ ले सकता है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी में यह पल सबसे दर्दनाक है। सबकी आंखों में सवाल हैं। दूल्हा भी स्तब्ध खड़ा है। परिवार का दबाव साफ दिख रहा है। कोई मदद को आगे नहीं आया। सब चुप थे।
दूल्हे की आंखों में हैरानी और डर साफ झलक रहा था। उसने कुछ कहा नहीं बस देखता रहा। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ऐसे दृश्य दिल दहला देते हैं। क्या उसे सच पहले से पता था। परिवार की साजिश लगती है। उसका चेहरा पीला पड़ गया था। वह हिल भी नहीं पा रहा था। सांसें रुक सी गई थीं।
बुजुर्ग महिला की आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। उन्होंने उंगली उठाकर किसी को दोषी ठहराया। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन के इस मोड़ पर रिश्ते टूट रहे हैं। मां का दर्द हर किसी को छू गया। बहुत भारी माहौल है। वह चीख रही थी। सबको झकझोर दिया उसने। कोई सामने नहीं आया।
क्रीम ड्रेस वाली लड़की ने दूल्हे से जबरदस्त बहस की। उसकी आवाज में गुस्सा और बेबसी थी। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में हर किरदार का दर्द अलग है। शायद वह सच जानती हो। सब कुछ इतना आसान नहीं है। उसने हाथ पकड़ने की कोशिश की। पर वह पीछे हट गया। वह रो पड़ी थी।
वह चुपचाप खड़ा सब देख रहा था। उसके कपड़ों पर दाग हैं। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में यह किरदार संदेह के घेरे में है। क्या वह दोस्त है या दुश्मन। उसकी चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। वह किसी से बात नहीं कर रहा। बस घूर रहा था सबको। आंखें लाल थीं।
जब वह बिस्तर पर लेटी थी तो नाखून टूटे हुए थे। चेहरे पर चोट के निशान साफ दिख रहे थे। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की यह तस्वीर किसी को नहीं भूलनी चाहिए। दर्द असली लग रहा था। बहुत दुख हुआ देखकर। हाथ में चूड़ी भी टूट गई थी। खून फैला हुआ था। सांसें धीमी थीं।
खुशी का दिन मातम में बदल गया। कोई नाच रहा था तो कोई रो रहा था। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में त्योहार के पीछे का काला सच सामने आया। परंपरा के नाम पर क्या होता है यह दिखा दिया। दिल बैठा गया। सजावट के बीच यह हादसा हुआ। सब हैरान थे। कोई नहीं समझ पाया।
जब मां रोई तो पूरा कमरा सन्न रह गया। उसकी पुकार में दर्द था। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में मां का प्यार सबसे ऊपर है। उसने बेटी को गले लगाया। यह पल सबसे भावुक था। सबकी आंखें नम हो गईं। वह बार बार नाम ले रही थी। कोई जवाब नहीं आया। सब रो पड़े।
उसने कुछ नहीं कहा बस देखता रहा। शायद वह अपराधी है या बेबस। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में उसका किरदार सबसे जटिल है। क्या वह बचाएगा या छोड़ देगा। अगला भाग देखने को बेताब हूं। उसकी सांसें तेज हो गई थीं। वह पसीने से तर था। हाथ कांप रहे थे।
सब उसे घेर कर खड़े थे। वह अकेली और बेजुबान लेटी थी। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन का यह अंत बहुत तेज था। हर किसी के चेहरे पर अलग भाव थे। कहानी में अब क्या होगा। इंतजार नहीं हो रहा। कमरे में सन्नाटा छा गया था। सब स्तब्ध थे। कोई हिला नहीं।