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प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हनवां44एपिसोड

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प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन

पूर्व जन्म में, रिया शर्मा और उसकी सहेली रोशनी वर्मा की विवाह के दिन ससुराल वालों और विक्रम सिंघानिया के षड्यंत्र में मृत्यु हो जाती है। पुनर्जन्म पाकर रिया अपनी शादी से पहले रोशनी को सुरक्षित भेज देती है और मामा राकेश शर्मा को बुलाती है। रिया की ननद जाह्नवी गलती से कमरे में जाती है, जहाँ विक्रम उसे रोशनी समझकर दुर्व्यवहार करता है। पति चिराग और सास कमला जाह्नवी को रोशनी समझकर रिया को प्रताड़ित करते हैं। मामा के आने पर सच खुलता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तनावपूर्ण शुरुआत

इस कार्यक्रम की शुरुआत ही बहुत तनावपूर्ण और डरावनी है। लाल रंग की शादी की सजावट के बीच दुल्हन को रस्सियों से बंधा हुआ देखकर रोंगटे खड़े हो गए। दूल्हे का गुस्सा और आंखों में नफरत साफ दिख रही थी। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में ऐसे अप्रत्याशित मोड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर यह कार्यक्रम देखने का अनुभव बहुत रोमांचक रहा। हर पल कुछ नया होता है और कहानी आगे बढ़ती है। दर्शक बंधे रहते हैं। मुझे बहुत पसंद आया।

शादी का दर्द

शादी वाले दृश्य में जो खुशी दिखनी चाहिए थी, वहां सिर्फ दर्द और आंसू थे। दुल्हन की आंखों में बेचैनी और पति के चेहरे पर क्रोध साफ झलक रहा था। यह कहानी सिर्फ प्यार की नहीं, बल्कि कड़वे बदले की भी है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन का हर भाग सस्पेंस से भरा हुआ है। बिना किसी विराम के देखते रहने का मन करता है। कलाकारों के शानदार अभिनय ने जान डाल दी है। बहुत प्रभावशाली है। सब देखें।

खरोंचें और राज

उस बिना कमीज के व्यक्ति के शरीर पर खरोंचें देखकर बहुत हैरानी हुई। क्या यह सब दुल्हन ने किया है या कोई और साजिश है। कमरे में खून के निशान कहानी को और गहरा और डरावना करते हैं। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में राज धीरे-धीरे खुलते हैं। यह रहस्य रोमांचक पसंद करने वालों के लिए बेस्ट है। मैं हर कड़ी का बेसब्री से इंतजार करती हूं। कहानी अनोखी है। जरूर देखें।

लाल कमरे का राज

कमरे की लाल चादरें और दीवारों पर लिखे शुभ शब्द माहौल को बहुत भारी बना रहे हैं। पति का व्यवहार बहुत क्रूर लग रहा था, लेकिन पीछे कोई बड़ी वजह जरूर होगी। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन की कहानी बहुत पेचीदा और दिलचस्प है। नेटशॉर्ट ऐप की गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। दृश्य क्लियर है और ध्वनि प्रभाव दिल दहला देने वाले हैं। देखने लायक है। मैं खुश हूं।

संवाद और चीखें

दुल्हन की चीखें और पति की डांट फंट के बीच जो संवाद हुए, वे दिल को छू गए। क्या सच में उसने धोखा दिया है या यह कोई बड़ी गलतफहमी है। प्रतिशोध: एक अधूरी दुल्हन में सच्चाई जानने की जिज्ञासा बनी रहती है। ऐसे नाटक कम ही देखने को मिलते हैं। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई है और मैं जुड़ी हुई हूं। हर पल नया मोड़। सबको पसंद आएगा।

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