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ठुकराकर पछताएगावां57एपिसोड

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ठुकराकर पछताएगा

गौरी तीन साल से अर्जुन का पीछा कर रही थी। 1081वीं बार ठुकराने पर उसने कहा – बस। असल में वह दिल्ली की सबसे बड़ी अमीर घराने की बेटी थी। बचपन के दोस्त आदित्य से शर्त लगाई थी – गरीब बनकर अर्जुन को फँसाना। शर्त खत्म, गौरी असली अवतार में लौटी। अर्जुन को सच पता चला तो वह टूट गया। तनु के साथ मिलकर गौरी-आदित्य की शादी में तोड़फोड़ की कोशिश की, लेकिन उल्टा उसका ही सबकुछ बर्बाद हो गया। अनुवादित टमाटर लघु कहानी 'जब चाटने वाला नहीं बना, तो स्कूल का हैंडसम लड़का पछताने लगा', लेखक: 【नान ज़ियाओ फ़ेई】
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इस एपिसोड की समीक्षा

शादी का मंच और टूटे सपने

इतनी भव्य शादी, इतने महंगे गहने, लेकिन दुल्हन की आँखों में एक अजीब सी खालीपन है। वेटर जो सर्विंग कर रहा है, शायद वही उसकी असली कहानी का हिस्सा है। जब वह ठुकराकर पछताएगा, तो यह शादी सिर्फ एक नाटक लगने लगेगी। हर ताली के पीछे एक सिसकी छिपी है।

दूल्हे की बेरुखी और दुल्हन का डर

दूल्हा इतना शांत क्यों है? जैसे उसे सब पता हो। दुल्हन जब वेटर को देखती है तो उसकी सांसें रुक जाती हैं। यह वो पल है जब वह ठुकराकर पछताएगा, क्योंकि उसने अपने दिल की नहीं, समाज की सुनी। वेटर की वर्दी में छिपा वो इंसान जो कभी उसका सब कुछ था।

पिता का आशीर्वाद या मजबूरी?

पिता बेटी का हाथ दूल्हे को सौंप रहे हैं, लेकिन उनकी आँखों में चिंता है। क्या वे भी जानते हैं कि यह शादी गलत है? जब बेटी ठुकराकर पछताएगी, तो शायद पिता को भी अपनी गलती का एहसास होगा। वेटर की तरफ देखकर दुल्हन की आँखें नम हो जाती हैं।

वेटर की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचाती है

वह कुछ नहीं बोलता, बस खड़ा रहता है और देखता रहता है। उसकी चुप्पी में इतना दर्द है कि पूरा हॉल शांत हो जाता है। जब दुल्हन ठुकराकर पछताएगी, तो शायद वह वेटर फिर से उसके जीवन में आएगा। उसकी आँखों में आंसू और होठों पर मुस्कान... यह कैसा विरोधाभास है?

शादी का जोड़ा या जंजीरें?

दुल्हन का जोड़ा चमक रहा है, लेकिन लगता है जैसे वह जंजीरें पहनकर चल रही हो। वेटर की सादी वर्दी में ज्यादा इज्जत है। जब वह ठुकराकर पछताएगी, तो शायद उसे समझ आएगा कि असली दौलत प्यार है, पैसा नहीं। दूल्हे की बेरुखी सब कुछ बता रही है।

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