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ठुकराकर पछताएगावां13एपिसोड

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ठुकराकर पछताएगा

गौरी तीन साल से अर्जुन का पीछा कर रही थी। 1081वीं बार ठुकराने पर उसने कहा – बस। असल में वह दिल्ली की सबसे बड़ी अमीर घराने की बेटी थी। बचपन के दोस्त आदित्य से शर्त लगाई थी – गरीब बनकर अर्जुन को फँसाना। शर्त खत्म, गौरी असली अवतार में लौटी। अर्जुन को सच पता चला तो वह टूट गया। तनु के साथ मिलकर गौरी-आदित्य की शादी में तोड़फोड़ की कोशिश की, लेकिन उल्टा उसका ही सबकुछ बर्बाद हो गया। अनुवादित टमाटर लघु कहानी 'जब चाटने वाला नहीं बना, तो स्कूल का हैंडसम लड़का पछताने लगा', लेखक: 【नान ज़ियाओ फ़ेई】
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इस एपिसोड की समीक्षा

प्यार या गुस्सा?समझ नहीं आ रहा

पार्क का माहौल शांत था, पर दोनों के बीच तनाव साफ झलक रहा था। वह लड़की जो शुरू में शांत लग रही थी, अचानक मुस्कुराई – शायद जीत गई?या हार मान ली?ठुकराकर पछताएगा का ट्विस्ट यहीं छिपा है। नेटशॉर्ट के ड्रामे में ऐसा एक्टिंग देखकर मज़ा आ गया।

स्वेटर वाला लड़का क्यों रोया?

उसकी आँखें नम थीं, पर आवाज़ नहीं निकली। शायद वह कुछ कहना चाहता था, पर शब्द गले में अटक गए। लड़की ने जब उसका हाथ पकड़ा, तो लगा जैसे कोई वादा टूट गया हो। ठुकराकर पछताएगा का असली मतलब यहीं समझ आया। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल सीन देखकर आँखें भर आईं।

चश्मा उतारने का मतलब क्या था?

चश्मा सिर्फ एक एक्सेसरी नहीं, बल्कि एक ढाल था। जब उसने उसे उतारा, तो लगा जैसे वह अपने असली चेहरे को दुनिया के सामने ला रही हो। लड़के का चेहरा देखकर लगा – वह उसे पहचान गया। ठुकराकर पछताएगा का टर्निंग पॉइंट यहीं था। नेटशॉर्ट के सीन में इतनी गहराई देखकर हैरान रह गया।

पार्क में छुपी कहानी

हर पेड़, हर रास्ता, हर बेंच – सब कुछ एक कहानी कह रहा था। लड़का और लड़की के बीच की दूरी कम होती गई, पर दिल की दूरी बढ़ती गई। ठुकराकर पछताएगा का ड्रामा यहीं शुरू हुआ। नेटशॉर्ट पर ऐसे विजुअल स्टोरीटेलिंग देखकर मज़ा आ गया – बिना डायलॉग के सब समझ आ गया।

मुस्कान के पीछे का सच

उसकी मुस्कान में एक रहस्य था – शायद जीत की, शायद हार की। लड़का हैरान था, पर वह शांत। ठुकराकर पछताएगा का ट्विस्ट यहीं छिपा था। नेटशॉर्ट के इस सीन में इतनी गहराई देखकर लगा – यह सिर्फ एक ड्रामा नहीं, एक अनुभव है।

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